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Justice BR Gavai

JUSTICE B.R. GAVAI ADDRESS: 9वें एम.सी. चागला मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए पूर्व न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने मानवाधिकारों को रेखांकित किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मात्र राजनीतिक स्वतंत्रता काफी नहीं है; जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की गारंटी नहीं मिलती, तब तक मानवाधिकारों का दायरा अधूरा है.

Justice BR Gavai At Bar Association Of Sri Lanka: श्रीलंका में जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिए हैं. लोकतंत्र की रक्षा के लिए वकीलों का स्वतंत्र और निडर होना बेहद आवश्यक है.

मुंबई में लोकसत्‍ता व्याख्यान के दौरान न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने कहा- भारत सदियों से समान अवसर की लड़ाई लड़ रहा है. संविधान ने इसे मजबूत किया, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है.

International Mediation and Dispute Resolution Conference 2025: मुंबई के डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ में जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा – कानून से ज्यादा मध्यस्थता की सोच जरूरी है. ग्रामीणों की भाषा में मध्यस्थता और ऑनलाइन विवाद निपटारा ही भविष्य है.

जस्टिस केटी देसाई मेमोरियल लेक्चर के दौरान जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधार है. संविधान ने इसे मजबूत सुरक्षा दी, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था के लिए सीमाएं भी तय कीं.

टान की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान CJI BR Gavai ने आज रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, थिम्पू में जिग्मे सिंग्ये वांगचुक (जेएसडब्ल्यू) स्कूल ऑफ लॉ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया.

भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई (CJI BR Gavai) और उनके परिवार ने मॉरीशस स्थित महात्मा गांधी संस्थान में गांधी जयंती समारोह में भाग लिया.

मुंबई के चर्चगेट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) में मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और उनकी पत्नी सम्‍मानित किए गए. अखिल भारतीय औद्योगिक कार्यकर्ता (AAIW) के 161 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में वहां भव्य समारोह हुआ.

मुख्य न्यायाधीश (CJI) BR Gavai ने भारतीय संविधान को एक "सामाजिक अनुबंध" बताया. जो जाति, बहिष्करण और अन्याय जैसे मुद्दों को न केवल स्वीकार करता है बल्कि उनमें हस्तक्षेप करता है. ताकि सकारात्मक कार्रवाई के ज़रिए वास्तविक समानता प्राप्त की जा सके.

Justice B.R. Gavai Chief Justice of India: लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने वैश्विक मध्यस्थता में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने संस्थागत मध्यस्थता और तकनीक के योगदान पर भी जोर दिया.