लोकतंत्र की रक्षा में वकीलों की भूमिका अहम, बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिए: श्रीलंका में बोले पूर्व CJI बी.आर. गवई
Justice BR Gavai At Bar Association Of Sri Lanka: श्रीलंका में जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिए हैं. लोकतंत्र की रक्षा के लिए वकीलों का स्वतंत्र और निडर होना बेहद आवश्यक है.
‘लोकतंत्र में न संसद सर्वोच्च है न न्यायपालिका, संविधान ही सबसे ऊपर..’, श्रीलंका में पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का संबोधन
Justice B.R. Gavai Speech At University of Colombo: कोलंबो विश्वविद्यालय में जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि सच्चे लोकतंत्र में संसद या न्यायपालिका नहीं, बल्कि संविधान सर्वोच्च है. सभी संस्थाएं अपनी शक्ति संविधान से ही प्राप्त करती हैं.
बाबा साहेब पार्ट-3: लाखों समर्थकों के साथ दीक्षा, नागपुर का वो मोड़ जब भीमराव बने ‘बाबा साहेब’
Ambedkar Jayanti 2026: राजनीतिक और शैक्षणिक ऊंचाइयों को छूने के बाद, अंतिम भाग बाबा साहेब अंबेडकर के आध्यात्मिक और संवैधानिक योगदान पर केंद्रित है. यह कहानी है उस 'मसीहा' की जिसने छुआछूत के विरुद्ध महाड़ सत्याग्रह किया और अंततः नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाकर लाखों लोगों को नई पहचान दी. जानें क्यों भीमराव 'बाबासाहेब' बने और कैसे उनका विजन आज भी आधुनिक भारत की दिशा तय कर रहा है.
बाबा साहेब पार्ट-2: नौकरी छूटी, सियासी एंट्री; लेबर पार्टी से संविधान सभा तक कैसे बदली अपनी किस्मत?
Ambedkar Jayanti 2026: सकपाल से आंबेडकर बनने के बाद, यह भाग भीमराव के उस कठिन शैक्षणिक सफर पर है जहां उन्होंने विदेशों में ज्ञान अर्जित किया. बड़ौदा रियासत की नौकरी से लेकर देश के पहले कानून मंत्री बनने तक का यह सफर उनके संघर्ष और राजनीतिक उदय की कहानी है. पढ़ें कैसे एक दलित छात्र अपनी विद्वता के दम पर सत्ता के शिखर तक पहुंचा और सामाजिक न्याय के लिए 'स्वतंत्र लेबर पार्टी' जैसी नींव रखी.
बाबा साहेब पार्ट-1: क्या हम संविधान के इतर अपने महानायक को जानते हैं? पढ़ें सकपाल से आंबडवेकर फिर आंबेडकर बनने की कहानी
Ambedkar Jayanti 2026: आज देश भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार भीमराव आंबेडकर की जयंती मना रहा है. बड़े आयोजन किए जा रहे हैं. लेकिन, सवाल ये क्या वाकई आंबेडकर को कोई संविधान के इतर भी जानता है या उन्हें केवल सियासी तौर पर उपयोग कर लिया जा रहा है.आइये 3 पार्ट में जानें सकपाल से आंबडवेकर और आंबेडकर बनने फिर उसके बाद बाबा साहेब बनने की कहानी?
Anti-Conversion Law पर 28 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, संविधान के उल्लंघन का आरोप लगा
Anti Conversion Law: सुप्रीम कोर्ट 28 जनवरी को धर्मांतरण विरोधी कानूनों की वैधता पर सुनवाई करेगा. याचिका में कानून को संविधान विरोधी बताया गया है, अस्पष्टता और मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप है.
संविधान हत्या दिवस: इमरजेंसी की 50वीं बरसी पर CM भजनलाल का करारा वार, बोले- आपातकाल लागू करना कांग्रेस की सत्ता लोलुपता का काला अध्याय
इमरजेंसी की 50वीं बरसी पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. कहा- 1975 में लोकतंत्र का गला घोंटा गया, एक लाख से अधिक सेनानियों को जेल में डाला गया.
“प्रस्तावना से समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष शब्द प्रस्तावना से हटाने पर हो विचार” संविधान पर RSS का बड़ा बयान, जानें दत्तात्रेय होसबाले ने क्या कहा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) ने संविधान की प्रस्तावना में शामिल दो शब्दों, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष को लेकर बहस की आवश्यकता पर बल दिया.
‘देश में संसद नहीं, संविधान सर्वोपरि’, CJI जस्टिस बीआर गवई बोले- लोकतंत्र के तीनों हिस्से संविधान के अधीन; संसद इसका मूल ढांचा नहीं बदल सकती
सीजेआई बीआर गवई बोले- "संविधान सर्वोच्च है, संसद इसके अधीन है. लोकतंत्र के तीनों अंग संविधान के तहत कार्य करते हैं." उन्होंने बुलडोजर जस्टिस के खिलाफ फैसले में आश्रय के अधिकार को सर्वोपरि बताया.
London: CJI जस्टिस बी.आर. गवई ने Gray’s Inn में डॉ. आंबेडकर की विरासत को सराहा, संबोधन में हुए भावुक
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने लंदन के Gray's Inn में भारतीय संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विरासत को सम्मान दिया. भारतीय संविधान के 75 वर्ष और डॉ. आंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डाला, सामाजिक-आर्थिक न्याय पर भी जोर दिया.





