सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के ज जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने खुद को अलग कर लिया है. यह याचिका एसएन शुक्ला द्वारा दायर की गई है. अब यह मामला CJP की पीठ के पास पहुंच गया है.
इस याचिका पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुनवाई कर रही थी. मामले की सुनवाई के दौरान जैसे ही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने अपनी दलीलें रखनी शुरू कीं, वैसे ही जस्टिस नरसिम्हा ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते हैं.
जस्टिस नरसिम्हा ने कारण बताया कि ‘एनजेएसी’ (NJAC) मामले में पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष वे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) के रूप में पेश हो चुके हैं. इसके बाद इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के पास भेज दिया गया है, ताकि इसे किसी अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सके.
याचिका में मुख्य रूप से सवाल उठाया गया है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली कॉलेजियम व्यवस्था आखिर कब तक बिना किसी स्पष्ट और अंतिम सुधार प्रक्रिया के चलती रहेगी?
याचिकाकर्ता का आरोप है कि संवैधानिक अदालतों में जजों की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के मूल्यांकन और चयन के कोई स्पष्ट तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मानदंड नहीं हैं. चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि कुछ उम्मीदवारों को दूसरों की तुलना में चुने जाने के कारणों को दर्ज नहीं किया जाता.
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने करीब 11 साल पहले कॉलेजियम सिस्टम में सुधार की जरूरत को स्वीकार किया था, लेकिन अब तक कोई अंतिम ढांचा तैयार नहीं हो पाया है. वर्ष 2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने के बाद 5 जजों की संविधान पीठ ने निर्देश दिया था कि मौजूदा मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं.
ये भी पढ़ें: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने नोरा फतेही को दोबारा समन जारी कर 6 नवंबर को किया तलब; जानें मामला
याचिका में यह भी मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कॉलेजियम की उन बैठकों के कार्यवृत्त (Minutes) को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत उपलब्ध कराया जाए, जिनमें जजों की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जाता है.
November Smartphone Launches: नवंबर में Motorola. Vivo. Xiaomi. OnePlus और Realme समेत कई कंपनियां भारतीय…
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 7 और 8 नवंबर 2026 को ग्रीन पटाखे जलाने की…
Bihar Politics: पार्टी विरोधी गतिविधियों और एमएलसी चुनाव में बागी तेवर दिखाने के मामले में…
Priti Adani on PM Modi Varanasi: अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी ने कहा कि…
Andhra Pradesh Viral Story: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक मां अपनी 12 वर्षीय…
Brij Bhushan Sharan Singh: गोंडा के नंदनी नगर में आयोजित छात्र संसद कार्यक्रम में शामिल…