लीगल

क्या महुआ मोइत्रा को मिलेगा न्याय? सर्किट हाउस विवाद और विकास कार्यों में बाधा के मामले पर SC में सुनवाई आज

Supreme Court: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 16 अक्टूबर को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से कल तक का समय मांग लिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.

दौरों की पहले से सूचना देने की बात कही गई थी

मोइत्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार उनके संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों में बाधा डाल रही है. जस्टिस बागची ने एक सितंबर के उस कम्युनिकेशन की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें उनके दौरों की पहले से सूचना देने की बात कही गई थी. इसपर एसजी मेहता ने कहा कि मेरे पास जवाब है. जस्टिस बागची ने कहा था कि सिर्फ इतना ही नहीं. हम उनकी चिंता से सहमत है. कोर्ट ने एसजी मेहता से पूछा था क्या आपने एक सितंबर के पत्र देखा है.

दायर याचिका में पश्चिम बंगाल के नदिया में सर्किट हाउस खाली करने के आदेश को चुनौती दी गई है. महुआ मोइत्रा के अनुसार, वह 14 अगस्त को शाम को नदिया सर्किट हाउस पहुची. उन्हें उनका सामान्य कमरा दिया गया था और कमरा पहले से तैयार था. शाम सात बजे उन्हें चाय और रात 9:20 बजे कमरे खाली डिनर भी दिया गया. लेकिन उसके कुछ ही देर बाद जिलाधकारी ने सर्किट हाउस खाली करने का निर्देश दिया.

कई विपक्षी पार्टी के नेता मोइत्रा के समर्थन में आ गए

इससे पहले महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष विशेषाधिकार नोटिस दिया था. मोइत्रा ने तीन सीनियर अधिकारियों पर प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है. मोइत्रा ने कहा कि यह कार्रवाई उनके संसदीय दायित्वों को निभाने से रोकने के लिए किए जा रहे एक बड़े प्रयास का हिस्सा है.

बता दें कि कई विपक्षी पार्टी के नेता अब मोइत्रा के समर्थन में आ गए है. टीएमसी के राज्य सभा नेता डेरेक ओब्रायन ने पश्चिम बंगाल में हुई घटनाओं पर सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या यह घटना संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है. सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने भी इस घटना की निंदा की और देर रात निकाले गए बेदखली के आदेश को अस्वीकार्य और निंदनीय बताते हुए लोकसभा स्पीकर से इसमें दखल देने की मांग की.

यह भी पढ़ें-Supreme Court Ruling: धर्मांतरण कर इस्लाम अपनाने वालों को नहीं मिलेगा आरक्षण, SC ने मद्रास हाईकोर्ट का फैसला रखा बरकरार

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

8वें वेतन आयोग का 1 साल पूरा…! सैलरी और पेंशन पर क्या है नई खबर? जानिए 5 बड़ी अपडेट्स

8वें वेतन आयोग के गठन को एक साल पूरा हो चुका है. केंद्रीय कर्मचारियों और…

5 minutes ago

रिहाई के 40 मिनट बाद ED का एक्शन! गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खान, जल्द सुनवाई की मांग

Supreme Court: जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आजम खान…

42 minutes ago

उत्तराखंड में नदी में समाई इनोवा कार, चार लोगों की मौत, बाकी की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन

Uttarkashi Accident: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगनानी धर्मकुंड के पास इनोवा कार नदी में गिर…

50 minutes ago

अदालत में झूठ बोलना पड़ा भारी! दिल्ली हाईकोर्ट का 6 CBI अधिकारियों पर शिकंजा, केस दर्ज करने के आदेश

Delhi High Court: पूर्व IRS अधिकारी अशोक अग्रवाल मामले में अदालत के सामने झूठे बयान…

51 minutes ago

‘अधिकारियों को जेल भेजेंगे…’ SC की तल्ख टिप्पणी के बाद सुधरा BMC का रुख, हलफनामा करेगी पेश

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बीएमसी ने दी संतोषजनक जानकारी। वरिष्ठ वकील…

1 hour ago