Supreme Court Hearing: मणिपुर हिंसा के बाद राहत कैंपो में रह रहे लोगों की दुर्दशा पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कैंपो में हुई असामान्य मौतों की खबरों पर भी हैरानी जताई है. कोर्ट ने मणिपुर के चीफ सेक्रेटरी से न्यूज रिपोर्ट में बताई गई सभी 25 अप्राकृतिक मौत से संबंधित रिपोर्ट तलब किया है. साथ ही कोर्ट ने मौत की वजह बताने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा कि राहत कैंपो में अंदरूनी तौर पर विस्थापित लोगों की सुरक्षा के लिए क्या सुधारात्मक और सुरक्षा उपाय किए गए हैं. कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट पर भी विचार किया. जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट में मुआवजे के मुद्दे और राहत कैंपो में हुई मौतों से जुड़ी रिपोर्ट का जिक्र किया गया था. 2024 में जारी ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए थे, जिसमें लगभग 67000 लोगों को विस्थापित होना पड़ा था.
मणिपुर में तीन मई 2023 को हिंसा हुई थी. यह हिंसा कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हुई थी. मणिपुर में माइनॉरिटी ग्रुप मैतेई है. कुकी जैसे दूसरे ट्राइबल ग्रुप भी है. जो माइनॉरिटी में है. मैतेई ज्यादातर मैदानी इलाकों में रहते हैं जबकि अन्य आदिवासी समुदाय पहाड़ी इलाकों में रहते है. अगर मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिल जाता है तो उनकी पहुच पहाड़ी इलाकों में बढ़ जाएगी. यहां के आदिवासियों का कहना है कि अगर मैतेई समुदाय को भी अनुसूचित जनजाति बना दिया गया तो उनके रोजगार से लेकर कई आयामों पर इसका प्रभाव पड़ेगा. इसलिए वे सब इसका विरोध कर रहे हैं.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी में पूर्व जस्टिस गीता मित्तल के अलावे बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस शालिनी पी जोशी और दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस आशा मेनन शामिल है. सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 को पीड़ितों के राहत और पुनर्वास तथा उन्हें मुआवजा देने की निगरानी के लिए हाई कोर्ट की तीन पूर्व महिला जस्टिस की एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था. इसके अलावे महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख दत्तात्रेय पडसलगीकर को आपराधिक मामलों की जांच की निगरानी करने को कहा था.
यह भी पढ़ें-‘सरकार बदली है तो सोच भी बदलो!’ सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को दी नसीहत, 3 हफ्ते बाद अगली सुनवाई
-भारत एक्सप्रेस
Weather Update: 18 सितंबर को देश के 7 प्रमुख राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने…
PM Modi Birthday Wishes: जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर…
सुप्रीम कोर्ट पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष ई. अबूबकर की मेडिकल ग्राउंड पर दायर अंतरिम जमानत…
PM Modi Birthday Wishes: केरल के एलेप्पी में पीएम मोदी के जन्मदिवस पर स्वामी कैलाशानंद…
Business Credit Card Benefits: कारोबारी खर्चों को पर्सनल फाइनेंस से अलग रखने और रिवॉर्ड्स का…
दिल्ली हाई कोर्ट में सत्य निकेतन भवन ढहने के मामले की सुनवाई चल रही है.…