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बेअंत सिंह हत्याकांड: तिहाड़ में ही रहेगा जगतार सिंह हवारा, सुप्रीम कोर्ट ने टाली ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका सुनवाई को टाल दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान हवारा के वकील ने सुनवाई टालने की मांग की, जिसका सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए हवाला को पंजाब की जेल में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर चिंता जताई. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.

पहले भी जेल से भागा

एसजी मेहता ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जिसमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या का दोषी व्यक्ति पंजाब की जेल में वापस जाना चाहता है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य को हवारा को पंजाब की जेल में वापस भेजने में दिक्कत होगी. वह पहले भी उस जेल से भाग चुका है.

उन्होंने आगे कहा कि राज्य चाहेगा कि हवारा तिहाड़ जेल में ही रहे और साथ ही अनुरोध किया कि मामले को आज टालने के बजाए किसी और दिन सुना जाए. पिछली सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा था कि जगतार सिंह हवारा चंडीगढ़ जेल में बंद था. वही उसके खिलाफ केस चल रहा है.

पंजाब के जेल में ट्रांसफर करने की मांग

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांग चुका है. आतंकवादी जगतार सिंह हवारा ने दिल्ली से पंजाब के किसी जेल में ट्रांसफर करने की मांग की है. हवारा पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसको 2005 में गिरफ्तार किया गया था, तब से वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है.

हवारा की ओर से पेश वकील ने कहा कि उसपर दिल्ली में कोई लंबित मामला नहीं है. वह पंजाब में एक पुराने केस की सुनवाई में शामिल नहीं हो पा रहा है, क्योंकि दिल्ली से उसकी पेशी नहीं हो रही है. उसकी 14 वर्षीय बेटी पंजाब में रहती है, लेकिन जेल में होने के कारण वह संपर्क नहीं कर पा रहा है. जेल में उसका आचरण अच्छा रहा है, और पंजाब के जेल महानिदेशक ने 2016 में ही उसके तबादले की सिफारिश की थी. हवारा को पिछले साल 18 साल पहले दर्ज एक मामले में निचली अदालत ने बरी कर दिया था.

क्या है मामला?

हवारा पर आरोप था कि वह और उसके साथी खालिस्तान बनाने और देश में आतंक फैलाने का काम कर रहे थे. पुलिस को इनमें से एक पिस्टल, पांच कारतूस और 450 ग्राम आरडीएक्स मिला था.

बता दें कि हवारा और उसके अन्य साथियों ने 1995 में पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को बम से उड़ा दिया था. हवारा के साथ उस केस में परमजीत सिंह भ्यौरा, बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह तारा सहित कई अन्य आरोपी थे, जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. हवारा अपने साथियों के साथ 2004 मे बुड़ैल जेल में सुरंग खोदकर फरार हो गया था.

यह भी पढ़ें: सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?’ मणिपुर सरकार पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, 3 हफ्ते में मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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