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Pahalgam Terror Attack: सुप्रीम कोर्ट और वकीलों की कड़ी निंदा, सैन्य कार्रवाई की मांग तेज

Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इसको लेकर हर कोई नाराज है और सभी इसे कायराना हमला करार दे रहे है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों और वकीलों के बाद नॉर्थ दिल्ली लॉयर्स एसोशिएशन ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिख कर पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय आतंकवादी संगठन टीआरफ और लश्कर ए तैयबा के ठिकानों पर लक्षित सैन्य कार्रवाई की मांग की हैं.

उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि पहलगाम में हुआ बर्बर आतंकी हमला सिर्फ निंदा नहीं, बल्कि तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग करता है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस मसीह पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शोक में दो मिनट तक मौन होकर खड़े रहे. इस दौरान फायर बिग्रेड की गाड़ी से सायरन बजाकर दो मिनट का मौन शुरू हुआ और सायरन के साथ ही खत्म हुआ. सुप्रीम कोर्ट के जजों की फूल बेंच बैठक में पहलगाम हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट की फूल बेंच की बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव

इस प्रस्ताव में लिखा है “हिंसा का यह राक्षसी कृत्य अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है. यह बताता है कि आतंकवाद किस तरह की क्रूरता और अमानवीयता को जन्म देता है. भारत के मुकुट कश्मीर में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे पर्यटकों को हिंसा का शिकार बनाए जाने की कठोर निंदा करता है.”

जजों द्वारा पारित प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट इस क्रूरता के चलते असमय जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि देता है. पीड़ित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है. हम कामना करते हैं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और घायल शीघ्र स्वास्थ हों. इस शोक की घड़ी में पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है.

वही वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 300 से अधिक सदस्य आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सुप्रीम कोर्ट लॉन में एकत्र होकर एक सुर में निंदा करते हुए कहा कि यह घटना निंदनीय है, कायराना है. दूसरी ओर एससीबीए ने पहलगाम के शांतिपूर्ण क्षेत्र में निर्दोष पर्यटकों के खिलाफ किये गए बर्बर और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमलों की निंदा की. इस हमले में 28 लोगों की जान चली गई.

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के दौरान केरल हाई कोर्ट के तीन जज भी मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए. इन तीन जजों के नाम अनिल के नरेंद्रन, जी गिरीश और पीजी अजित कुमार का नाम शामिल है. यह तीनों जज अपने परिवार के साथ मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में बाल-बाल बच गए.

ये भी पढ़ें: Pahalgam Terror Attack: ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ बना मौत का मंजर, आतंकियों ने सिर झुकवाकर की गोलियों की बौछार; नई तस्वीर ने किया सन्न!

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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