Supreme court
SIR Controversy: एसआईआर में गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत विपक्ष के 11 नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सभी कमियों को दूर कर लिया गया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इस याचिका में 14 खामियां गिनाई थीं. कमियां दूर होने के बाद कांग्रेस की लीगल टीम को पूरी उम्मीद है कि कल अन्य मामलों की सुनवाई के साथ ही राहुल गांधी की याचिका को भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है.
राहुल गांधी समेत विपक्ष के 11 प्रमुख नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की है. इसमें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने पर रोक लगाने, इस पूरी प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की गई है.
इस याचिका में राहुल गांधी के अलावा जिन अन्य विपक्षी नेताओं के नाम शामिल हैं, उनमें प्रमुख रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, डी. राजा, महुआ मोइत्रा, सुप्रिया सुले, ई. टी. मोहम्मद बशीर, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, संजय राउत और एम. ए. बेबी शामिल हैं.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी ने देश के युवाओं, तमाम विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी के समूहों से अपील की है कि वे एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करें. उनका यह आह्वान ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले दो दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों के चलते दिल्ली में हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में वकीलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को लेकर भी दलीलें दी गईं. कोर्ट के समक्ष यह बात रखी गई कि प्रत्येक वकील को निर्धारित स्थलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का पूरा अधिकार है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने दलील दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान वकीलों को हिरासत में लिया गया है और उनके साथ पुलिस ज्यादती के मामले भी सामने आए हैं.
ये भी पढ़ें- ‘पटाखों पर पूर्ण बैन व्यावहारिक नहीं’ -सुप्रीम कोर्ट ने साफ की स्थिति, संतुलित रास्ते की तलाश
वरिष्ठ वकील ने वकीलों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर कड़ी चिंता जताई. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी कोई भी आदेश सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया है.
न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि पुलिस को संयम बरतने के सख्त निर्देश दिए जाएं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान वकीलों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने एक धारा की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है और इस दौरान वरिष्ठ वकील शादान फरासत को सड़कों पर घसीटे जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Air India Flight Emergency Landing: फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट (AI-2030)…
Pakistan News: खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई सरकार की बर्खास्तगी और इमरान खान के अडिग रुख…
US Navy Birthday: पने सोशल मीडिया पोस्ट में जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन पी. केम्प ने…
NIA Plea On Yasin Malik Case: टेरर फंडिंग के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट अलगाववादी नेता…
Sara Ali Khan Fashion: फेस्टिव सीजन में साड़ी-गाउन आउटफिट ट्रेडिशनल और मॉडर्न फैशन का शानदार…
Asaram Bapu News: आसाराम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में नवंबर में सुनवाई होगी.…