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निठारी कांड सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने पर जताई नाराजगी, कहा- यह दयनीय तस्वीर पेश करता है

निठारी हत्याकांड मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किये जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टालने को सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टालने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह केंद्र की बहुत ही दयनीय तस्वीर को दर्शाता है. इससे न सिर्फ हमें बल्कि दिल्ली से बाहर से आने वाले वकीलों को भी असुविधा होती है.जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने यह टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने नोट किया कि पिछली तारीख पर राज्य सरकार और सीबीआई के लिए 18 वकीलों की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जिनमें से कुछ वरिष्ठ वकील थे.

जस्टिस गवई ने कहा कि दूसरी पीठ द्वारा अपनाई गई प्रथा भी शुरू करनी चाहिए. वही दोषी सुरेंद्र कोली के वकील ने कहा कि 9 वरिष्ठ वकील पेश हुए, कोई भी बहस नहीं करना चाहता. सबूत के नाम पर 60 दिनों की हिरासत में क्रूर यातना के बाद प्राप्त धारा 164 सीआरपीसी का कबूलनामा और एक बरामदगी ही है. उन्होंने कहा कि यह अंग व्यापार का मामला था, लेकिन सीबीआई ने इसे यौन उत्पीड़न, नरभक्षण का मामला बना दिया. कोर्ट 29 अप्रैल को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामला बहुत गंभीर हत्याओं के है.

फांसी की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दी चुनौती

बारह मामलों में कोली और दो मामलों में पंढेर को सुनाई गई मौत की सजा को पलटते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर मामले के तय मानदंडों पर उचित संदेह से परे दोनों आरोपियों का अपराध साबित करने में विफल रहा है. बता दें कि साल 2005 से 2006 में नोएडा में हुए निठारी केस में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, बलात्कार और सबूत मिटाने के मामले में आरोपी बनाया था, जबकि मनिंदर सिंह पंढेर को मानव तस्करी का भी आरोपी बनाया गया था. दोनों आरोपियों ने अपनी फांसी की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

आरोपियों ने कोर्ट में कहा था कि इन घटनाओं का कोई चश्मदीद मौजूद नहीं है. उन्हें सिर्फ वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर ये सजा सुनाई गई है. गौरतलब है कि 7 मई 2006 को निठारी की एक युवती को पंढेर ने नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था. इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी. युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर 20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था. इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे. पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था. बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए थे.


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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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