सुप्रीम कोर्ट ऑटिज्म (Autism Patients) और अन्य बौद्धिक विकलांगता से पीड़ित व्यक्तियों की देखभाल, पुनर्वास और सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.
दायर याचिका में एक विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है, जिसका उद्देश्य इस वर्ग के लोगों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करना है. दायर याचिका में कहा गया है कि ऐसे लोगों के लिए हर जिले में आबादी के हिसाब से आवासीय सुविधाएं स्थापित करे, और उनकी स्थापना, विनियमन और निगरानी के लिए व्यापक और बाध्यकारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाई जाए.
याचिका में केंद्र सरकार और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक जिले में ऑप्टिज्म और अन्य बैद्धिक विकारों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए जनसंख्या आधारित आवासीय सुविधाएं स्थापित करें.
याचिका में मांग की गई है कि जो राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति बनाई जाए, उसमें ऑटिस्टिक लोगों के प्रतिनिधि, अभिभावक संघ, विकलागता अधिकार विशेषज्ञ और चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया जाए.
इसके साथ ही ऐसे लोगों के लिए बाकायदा चिकित्सा सुविधा, नियमित स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों, थेरेपिस्ट और प्रशिक्षण सहायताकर्मियों तक उनकी नियमित पहुच सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की गई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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