दिल्ली एनसीआर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण (Air Pollution) के चलते यहां की हवा एक बार फिर जानलेवा हो गई है. कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार है. इसको देखते हुए एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन कर कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट निर्देश नहीं देता, राज्य इसका पालन नहीं करते हैं. प्रोटोकॉल है.
कोर्ट केवल प्रभावी आदेश करेगा पारित
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि प्रदूषण मामले में 17 दिसंबर को तीन जजों की बेंच सुनवाई करने वाली है. सीजेआई ने एमिकस क्यूरी से कहा कि कोर्ट केवल प्रभावी आदेश पारित करेगा, क्योंकि कुछ निर्देश ऐसे है, जिन्हें लागू नहीं किया जा सकता है. लोग अपनी जीवनशैली नहीं अपना सकते. लोगों को अपनी जीवन शैली होती है जिसे वे नहीं बदलते. समस्या धनी वर्ग के साथ उत्पन्न होती है, गरीब वर्ग प्रभावित होता है.
वहीं, एक वकील ने कोर्ट को बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधित एक याचिका कोर्ट में लंबित है. एमिकस क्यूरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद स्कूलों ने खेल गतिविधियों को आयोजित करने के तरीके खोज लिए हैं, ये गतिविधियां हो रही है. CAQM फिर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दे रहा है. इसपर सीजेआई ने कहा कि हम समस्या को जानते हैं और आइए हम ऐसे आदेश पारित करें, जिनका पालन किया जा सके.
जबरदस्ती लागू नहीं हो सकते है निर्देश
सीजेआई ने कहा कुछ निर्देश ऐसे हैं जिन्हें जबरदस्ती लागू नहीं किया जा सकता. इन शहरी महानगरों में लोगों की अपनी जीवनशैली है, लेकिन गरीब? एमिकस क्यूरी ने कहा कि गरीब मजदूर सबसे ज्यादा पीड़ित है. सीजेआई ने कहा कि जब एक बार एमिकस क्यूरी नियुक्त हो जाने पर अपने सुझाव आदि एमिकस को भेजे, न कि प्रेस और मीडिया को.
बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुबह सात बजे को आंकड़ों के अनुसार राजधानी दिल्ली अलीपुर में एक्यूआई 449, आनंद विहार में एक्यूआई 493, अशोक विहार में 500, आया नगर में 413, बवाना में 472, बुराड़ी में 454, चांदनी चौक इलाके में 438 एक्यूआई दर्ज किया गया है.
ये भी पढ़ें: लैंड फॉर जॉब घोटाले के भ्रष्टाचार मामले में एक और आरोपी की मौत, राऊज एवेन्यु कोर्ट ने टाली सुनवाई
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

