बिलकिस बानो मामले में दो दोषियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिपिनचंद्र कन्हैयालाल जोशी और प्रदीप रमणलाल मोधिया की ओर से दायर याचिका पर यह नोटिस जारी किया है. इन दोनों दोषियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनकी सजा को बरकरार रखा गया था. हाई कोर्ट ने 2017 में दोषी करार दिया था. उसके बाद राज्य सरकार ने छोड़ दिया और फिर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया. एसएलपी में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. 8 जनवरी 2024 को दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो केस के 11 दोषियों की रिहाई के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करते हुए उन्हें सरेंडर करने को कहा था.
बता दें कि इससे पहले भी मामले में दोषी राधेश्याम भगवान दास और राजूभाई बाबूलाल सोनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी रिहाई पर गुजरात या महाराष्ट्र किस राज्य की सरकार की रिहाई की नीति लागू होगी? इसपर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के ही दो अलग-अलग बेंच के फैसले में विरोधाभास है. बता दें कि गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी 2024 को अहम फैसला सुनाया था. जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने बिलकिस बानो केस में 11 दोषियों को बरी करने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दोषियों को दो हफ्ते में सरेंडर करने को कहा था.
ज्ञात हो कि 2002 में गुजरात में गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के कोच को जला दिया गया था. इसके बाद गुजरात में दंगे फैल गए थे. इन दंगों की चपेट में बिलकिस बानो का परिवार भी आ गया था. मार्च 2002 में भीड़ ने बिलकिस बानो के साथ रेप किया था, तब वह 5 महीने की गर्भवती थी. इतना ही नही, भीड़ ने उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी. बाकी 6 सदस्य वहां से भाग गए थे. बिलकिस बानो के गोद मे 3 साल की एक बेटी भी थी. इस दौरान दंगाइयों ने उनकी 3 साल की बेटी को पटक-पटककर मार डाला. साल 2004 में गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. बाद में केस को अहमदाबाद से बॉम्बे ट्रांसफर कर दिया गया. बिलकिस बानो ने सबूतों के साथ संभावित छेड़छाड़ और गवाहों का मुद्दा उठाया था. जनवरी 2008 में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
2017 में इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने11 दोषियों की उम्रकैद को सजा बरकरार रखी. सभी को पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल और इसके बाद नासिक जेल में रखा गया था. करीब 9 साल बाद सभी को गोधरा के उप जेल भेजा गया था.
यह भी पढ़ें: जिम ट्रेनर नादिर शाह हत्या मामले में आरोपी अनवर खान कि जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
बीकानेर में दीपावली पर आयोजित होने वाला उर्दू रामायण पाठ गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल…
Diyara Ghat Diwali: सुल्तानपुर के ऐतिहासिक दियरा घाट पर छोटी दीपावली के अवसर पर 2100…
अमृतसर के जंडियाला स्थित गांव अकाल गढ़ ढपइयां में पुरानी रंजिश के चलते 100 से…
ECI SIR Update: SIR के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं के लिए…
दिवाली 2026 पर देशभर में 5 लाख करोड़ रुपये और दिल्ली में 80 हजार करोड़…
Inflation Alert: Reuters के सर्वे के मुताबिक, अक्टूबर में भारत की खुदरा महंगाई दर सितंबर…