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Supreme Court Judges Strength Increase: केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी के बाद पूर्व न्यायाधीश और वकील, न्यायिक अधिकारी सभी ने खुशी जाहिर की है. उनकी माने तो सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमों का निपटारा तेजी से होगा.
केंद्रीय कैबिनेट में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या में 4 पदों की बढ़ोतरी की है. सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित 34 जजों के पद स्वीकृत हैं. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सहित जजों की कुल संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी. इससे पहले साल 2019 में इसे बढ़ा कर 31 से 33 किया गया था.
सरकार का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्याय वितरण प्रणाली अधिक कुशल बन सकेगी. वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 88447 मामले लंबित है, जिनसे शीघ्र निस्तारण के लिए न्यायधीशों की संख्या आवश्यक माना जा रहा है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस ए एन मित्तल ने कहा कि सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की संख्या बढ़ाने का फैसला काफी दिनों से रुका हुआ था. सुप्रीम कोर्ट में काफी संख्या लंबित है. सरकार के इस फैसले से लंबित मुकदमों पर त्वरित सुनवाई हो सकेगी.
वहीं, पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के सी कौशिक ने कहा कि सरकार का फैसला सही है, लेकिन सरकार को चाहिए कि देशभर के अदालतों में बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराए.
सुप्रीम कोर्ट के वकील आशीष चौबे ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमों की संख्या और जटिल कानूनी मुद्दों को देखते सुप्रीम कोर्ट की जजों की क्षमता बढ़ाने की समय की मांग थी. उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला न्यायपालिका को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है.
बता दें कि वर्ष 1950 में जब सुप्रीम कोर्ट की स्थापना हुई थी, तब इसमें मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 8 न्यायाधीश थे. इसके बाद 1956 में 11, 1960 में 14, 1977 में 18, 1986 में 26, 2009 में 31, 2019 में 34 और अब 2026 में इसे बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव न्यायपालिका के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ज्ञात हो कि दुनिया का एक ऐसा देश है, जहां पर सबसे ज्यादा जज हैं, ये देश चीन है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें लगभग 400 जज हैं, इतना ही नहीं यहां पर 600 से अधिक प्रशासनिक कर्मी हैं. यह बीजिंग में स्थित है. इसकी स्थापना 1949में कई गई थी और इसके काम-काज के नियम 1954 में पहली बार तय किए गए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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