Rouse Avenue Court
आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट आरोप तय करने को लेकर 22 मई को अपना फैसला सुनाएगी. इस मामले में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित कुल 16 लोग आरोपी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की है.
CBI मामले में पहले ही तय हो चुके हैं आरोप
बता दें कि इस मामले में सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज केस में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं और वर्तमान में ट्रायल चल रहा है. सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 13(2) व 13(1)(d) के तहत आरोप लगाए हैं. अन्य आरोपियों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल मैनेजर वी.के. अस्थाना, आर.के. गोयल और सुजाता होटल्स के निदेशक विजय कोचर व विनय कोचर भी शामिल हैं.
क्या है पूरा IRCTC घोटाला?
यह मामला वर्ष 2004 का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. उस समय रेलवे बोर्ड ने रेलवे की कैटरिंग और होटलों की सेवा पूरी तरह आईआरसीटीसी को सौंप दी थी. आरोप है कि इस दौरान रांची और पुरी के बीएनआर (BNR) होटलों के रखरखाव, संचालन और विकास के लिए जारी टेंडर में भारी अनियमितताएं बरती गईं. यह मामला ‘लैंड फॉर जॉब’ (Land for Job) मामले से पूरी तरह अलग है.
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आरोपियों की दलीलें और जांच एजेंसियों का पक्ष
सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इसके विपरीत, सीबीआई ने 28 फरवरी को अदालत में पुरजोर तरीके से कहा था कि उसके पास अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. अब 22 मई को कोर्ट यह तय करेगा कि ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी आरोप तय किए जाएंगे या नहीं.
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