लीगल

मॉब लिंचिंग और गौ रक्षकों द्वारा भीड़ हिंसा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, पढ़ें पूर मामला

मॉब लिंचिंग और गौ रक्षकों द्वारा भीड़ हिंसा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विनोद चन्द्रनकी पीठ ने यह फैसला दिया है. यह याचिका नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की तरफ याचिका दायर की गई थी. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम एक-एक घटना की निगरानी नहीं कर सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी मामले में अगर पुलिस ठीक से काम नही कर रही, तो इसे आला अधिकारियों, निचली अदालत या हाई कोर्ट में रखा जा सकता है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है. याचिका में कहा गया था कि दिल्ली में बैठकर हम देश के विभिन्न क्षेत्रों में मुद्दों की निगरानी नहीं कर सकते.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि बीएनएस के तहत भी इसे अपराध घोषित किया गया है. कानून को अपना काम करने देना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि लोग अलग-अलग मांगो को लेकर सुप्रीम कोर्ट आ जाते है. एसजी तुषार मेहता ने यह भी कहा कि जब घटनाएं होती है तो राज्य सरकार का यह कर्तव्य है कि यह सुनिश्चित करें कि ऐसा ना हो और उन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाये.

पीड़ितों के लिए कानूनी विकल्प

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि जब राज्य सरकारें एफआईआर दर्ज नही कर रही हैं तो क्या किया जाए. राज्यों में ये एक पैटर्न उभर रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे में पीड़ित को पहले उचित ऑथोरिटी के पास जाना चाहिए. वैसे भी हर राज्यों में परिस्थितियां अलग होती है. कोर्ट ने कहा कि अगर तहसीन पूनावाला फैसले का पालन नहीं किया जाता है तो पीड़ित के पास कानूनी विकल्प मौजूद है.

कोर्ट ने यह भी कहा कि यहां बैठकर हम देश भर की निगरानी नहीं कर सकते और हमारे विचार में इस अदालत आ इस तरह की मॉनिटरिंग संभव नही है. अगर कोई पीड़ित हैं तो कानून के तहत अदालत जा सकता है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि गौ रक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा में बढ़ोतरी हुई है. याचिका में असम, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया गया था.

ये भी पढ़ें: Lottery Tax पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला, कहा-सिर्फ राज्य सरकार ही लॉटरी पर लगा सकती है टैक्स

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘डिस्कवर द पावर ऑफ एक्सप्रेशन’ प्रदर्शनी में पहुंचे भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय, बच्चों की विशेष कलाकृति देख हुए भावुक

दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित पेंटिंग प्रदर्शनी 'डिस्कवर द पावर ऑफ एक्सप्रेशन' में भारत…

3 hours ago

दिल्ली में सजी गोपाल दास ‘नीरज’ के गीतों की महफिल, केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल चीफ गेस्ट; CMD उपेन्द्र राय ने महाकवि को यूं किया याद

SP Singh Baghel: भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट और सोनवी…

3 hours ago

‘नागरिकों को दूसरे दर्जे का बनाने वाली प्रक्रिया मंजूर नहीं’: नालसार में SIR विवाद पर भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज उज्ज्वल भुइयां

नालसार यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि चुनाव आयोग की SIR…

3 hours ago

बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की भरपाई, फॉर्मर आईडी…; मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा दावा

Vijay Sinha: बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में…

3 hours ago

‘खतरे में है आम नागरिक का वोट देने का अधिकार’, पूर्व जज रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट…

3 hours ago

नक्सलवाद खत्म, अब नशामुक्त भारत का लक्ष्य, गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल में मध्य प्रदेश के लिए रखा बड़ा टारगेट

भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य…

4 hours ago