भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गया है. कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर और एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए थे. जस्टिस जे. के महेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की पीठ ने अंतरिम आदेश पर सवाल उठाए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार का जवाब आये बिना ऐसे सख्त निर्देश पारित नहीं करना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में हाई कोर्ट का यह निर्देश काफी कठोर लग रहा है. हाई कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में एफआईआर और एसआईटी जांच के आदेश दिए थे.
बता दें कि ये एफआईआर आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज किया गया है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 जून 2025 को अमन एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था. आरिफ इस कॉलेज के सचिव है.
हाई कोर्ट ने फर्जी सेल डीड के आधार पर कॉलेज संचालन का आरोप लगाते हुए भोपाल पुलिस आयुक्त को आरिफ के खिलाफ तीन दिन के भीतर FIR दर्ज करने और डीजीपी को एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कॉलेज के संचालन के लिए जाली दस्तावेज बनाने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक समर्थन के बिना संभव नहीं था.
बता दें कि आरिफ मसूद पर आरोप है कि फर्जी दस्तावेज देकर अपने कॉलेज की मान्यता ली थी. जिसको लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी. हाई कोर्ट ने आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिले पर पूरी तरह रोक लगा दिया था.
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: न्यायिक अधिकारियों पर आरोप लगाने से नाराज सीजेआई
-भारत एक्सप्रेस
Hanuman Ansh Movie Success: ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, बुंदेली संगीत…
Bank Holiday: 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर क्या आपके शहर में बैंक बंद हैं?…
Weather Rain Alert: बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन के प्रभाव से 25 से 27…
Anant Chaturdashi: अनंत चतुर्दशी पर जानें गणपति विसर्जन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय, भगवान…
Netanyahu UN Speech: UN में नेतन्याहू के भाषण से पहले कई देशों के डिप्लोमेट्स ने…
Delhi SIR के तहत नोटिस पाने वाले आडवाणी, एस जयशंकर, अरविंद केजरीवाल और अन्य प्रमुख…