रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने घोषणा की है कि वह जामनगर स्थित अपने रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स में एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने के लिए सरकार की गाइडलाइंस के अनुरूप काम कर रही है. यह कॉम्प्लेक्स दुनिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड रिफाइनिंग हब है और यहां की टीमें चौबीसों घंटे ऑपरेशन को ऑप्टिमाइज करने में जुटी हैं.
कंपनी की रणनीति
कंपनी ने कहा है कि एलपीजी (LPG) आउटपुट बढ़ाने का उद्देश्य घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई को स्थिर और भरोसेमंद बनाए रखना है. इसके लिए रिफाइनरी संचालन को इस तरह से समायोजित किया जा रहा है कि उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग हो सके.
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प्राकृतिक गैस का डायवर्जन
रिलायंस ने यह भी बताया कि केजी-डी6 बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को राष्ट्रीय ऊर्जा प्राथमिकताओं और सरकारी निर्देशों के अनुसार प्रायोरिटी सेक्टर्स की सप्लाई में इस्तेमाल किया जाएगा. इससे उन क्षेत्रों और समुदायों तक ऊर्जा पहुंच सकेगी जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है.
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सरकार के साथ सहयोग
कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी और सभी राष्ट्रीय गाइडलाइंस व एलोकेशन प्रायोरिटी का पालन करेगी. रिलायंस का कहना है कि उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ऊर्जा आपूर्ति बिना किसी बाधा के उन सेक्टर्स तक पहुंचे जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम हैं.
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की यह पहल घरेलू उपभोक्ताओं और प्रायोरिटी सेक्टर्स के लिए राहतकारी साबित हो सकती है. कंपनी का दावा है कि उसकी रणनीति से एलपीजी (LPG) और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी और ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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