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DGP की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल और तमिलनाडु को घेरा; पूछा- आखिर राज्यों को ‘परमानेंट’ साहब से परहेज क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के डीजीपी की नियुक्ति के मामले में दिए गए दिशानिदेशों का राज्यों द्वारा पालन नही करने पर नाराजगी जाहिर की है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने नाराजगी व्यक्त की है. मामले की सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की दलील पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल अपने डीजीपी को राज्यसभा भेजने में बहुत व्यस्त है.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अब राज्य सभा में कोई वैकेंसी नहीं है. इसलिए उम्मीद है कि राज्य में एक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति होगी. इसपर राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि ऐसा नहीं है. राज्य ने प्राथमिकता वाले अधिकारियों के नामों का एक पुल तैयार कर यूपीएससी को भेज दिया है. जल्द ही पश्चिम बंगाल में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति हो जाएगी.

स्थायी डीजीपी के लिए यूपीएससी को भेजी सूची

वही सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव के खिलाफ चल रहे अवमानना के मामले को खत्म कर दिया है. तमिलनाडु सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारियों की लिस्ट यूपीएससी को भेज दी गई है. इससे पहले कोर्ट ने यूपीएससी से कहा था कि उसे राज्यों के चक्कर में नही पड़ना चाहिए, क्योंकि उन्हें कभी भी नियमित डीजीपी पसंद नही आता, वे कोई कार्यवाहक डीजीपी, एडहॉक डीजीपी चाहते है और उन्हें यह सूट करता है. कोर्ट ने कहा  था कि इस तरह की व्यवस्था से योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों के डीजीपी के पद के लिए चयन का उचित अवसर नही मिल पाता. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक्टिंग नियुक्तियां करके राज्य सरकारें तय प्रक्रिया से बचने की कोशिश करती है. जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर असर पड़ता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रथा को खत्म करने पर जोड़ दिया था.

तीन अधिकारियों के पैनल से ही स्थायी डीजीपी की नियुक्ति अनिवार्य

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि हम यूपीएससी को यह अधिकार देते है कि वह राज्यों को संबंधित डीजीपी की सिफारिशों के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने के लिए लिखें. कोर्ट ने कहा था कि जब ऐसे प्रस्ताव नही भेजे जाते है तो यूपीएससी प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर कर सकती है. यह कहने की जरूरत नही है कि संबंधित राज्यों की जवाबदेही सहित आवश्यक परिणाम भुगतने होंगे.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के मुताबिक किसी राज्य में डीजीपी या पुलिस बल के प्रमुख की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा यूपीएससी द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए तीन अधिकारियों के पैनल में से की जाती है.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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