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विधानसभा में जनता की आवाज दबाने की साजिश? पांच सीटों के उपचुनाव पर रोक के खिलाफ उतरे मुख्यमंत्री विजय

तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका का तमिलनाडु सरकार ने विरोध किया है. मद्रास हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने हलफनामा दायर कर कहा कि उपचुनाव पर रोक लगाने से पांचों विधानसभा क्षेत्रों के लाखों लोग लोकतांत्रिक रूप से वंचित हो जाएंगे और उनकी समस्याओं, हितों और शिकायतों को विधानसभा में उठाने वाला कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं होगा.

यह मामला त्रिची (ईस्ट), पेरुंदुरई, अंबासमुद्रम, विरालिमलाई और करूर विधानसभा सीटों से जुड़ा है. दायर याचिका में दावा किया गया है कि इन सीटों पर लंबित चुनाव याचिकाओं को देखते हुए इनकी रिक्तियां क्लीयर वैकेंसी नही मानी जा सकती और जनप्रतिनिधित्व कानून 1951की धारा 151 A के तहत यहां उपचुनाव नहीं कराया जाना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने याचिका खारिज करने की अदालत से की मांग

राज्य सरकार ने दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि दायर याचिका में कोई व्यापक जनहित नही है. उनके मुताबिक, याचिकाकर्ता का उद्देश्य केवल एक चुनाव याचिकाकर्ता के संभावित हित की रक्षा करना है. यदि चुनाव याचिका सफल होती है तो एक व्यक्ति को लाभ मिल सकता है, लेकिन उपचुनाव रोकने से लाखों मतदाताओं के हित प्रभावित होंगे. मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा है कि “एक व्यक्ति के संभावित लाभ की रक्षा के लिए लाखों लोगों को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से वंचित नही किया जा सकता. उन्होंने याचिका को प्रथम दृष्टया बड़े जनहित के खिलाफ बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है.

विजय ने यह भी कहा कि जनहित याचिका एक विवेकाधीन उपाय है और इसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधित्व से लोगों को वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता. उन्होंने याचिकाकर्ता के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया है. उन्होंने प्रॉक्सी वॉर करार दिया है. बता दें कि इन पांच सीटों पर उपचुनाव को लेकर हाई कोर्ट पहले ही अंतरिम आदेश जारी कर चुका है.

10 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल की बेंच ने उपचुनाव पर लगी रोक को 8 सितंबर तक के लिए पहले ही बढ़ा दिया था. इस बीच चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट को बताया था कि संबंधित चुनाव याचिकाओं के निपटारे तक वह इन पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने का इरादा नही रखता है.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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