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TVK को मौका क्यों नहीं? पूर्व IPS अधिकारी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, फ्लोर टेस्ट की उठाई मांग

तमिलनाडु संवैधानिक संकट का मामला अब देश के सबसे बड़ी अदालत पहुंच चुका है. दायर याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और TVK को तमिलनाडु में सरकार बनाने का मौका देने की मांग की गई है. यह याचिका पूर्व आईपीएस अधिकारी रामासुब्रमणि की ओर से दायर की गई है.

याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्होंने TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया. दायर याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल विधानसभा के बाहर किसी दल के बहुमत का फैसला नहीं कर सकते और ऐसा करना संविधान के खिलाफ है.

फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साबित करने की मांग

याचिका में यह भी कहा गया है कि TVK को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए था. याचिका में सरकारिया आयोग की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला दिया गया है. एस. आर. बोम्मई, रामेश्वर प्रसाद, जी परमेश्वरा और शिवसेना में दिए गए फैसलों का हवाला दिया गया है. कहा गया है कि बहुमत की जांच केवल सदन के पटल पर ही हो सकती है, राज्यपाल की व्यक्तिगत संतुष्टि के आधार पर नहीं. याचिका में मांग की गई है कि TVK को बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का दावा पेश करने की अनुमति दी जाए और अदालत की निगरानी में तय समयसीमा के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए.

TVK समर्थक ने भी सुप्रीम कोर्ट में दायर की रिट याचिका

बता दें कि इससे पहले टीवीके के एक समर्थक ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है. जिसमें तमिलनाडु के राज्यपाल के तरफ से पार्टी को सरकार बनाने का निमंत्रण न मिलने की बात कही गई है. दायर रिट याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए उसे सरकार गठन का मौका दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई रिट याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल को अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश देने की मांग की है.

दरअसल 234 सीटों वाली तमिलनाडू विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटों जीती हैं, चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटे जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफा देना होगा. इसलिए टीवीके कि संख्या 107 रह जाएगी. उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी. इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी.

ये भी पढ़ें: PFI साजिश मामला: यूएपीए के तहत जेल में बंद अनीस अहमद की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने सुनाई दोटूक

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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