Yashasvi Jaiswal notice by nada
Yashasvi Jaiswal and Shafali Verma dop test matter: राजस्थान रॉयल्स के युवा क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं, केवल यशस्वी जयसवाल ही नहीं बल्कि वुमेंस वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली भारतीय क्रिकेटर शैफाली वर्मा भी मुसीबत में फंस गई हैं. दरअसल मामला डोप टेस्ट का है, जिसमें नाडा यानी राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने उनके खिलाफ डोप टेस्ट ना देने पर एक नोटिस जारी किया है. ये नोटिस वेयर अबाउट्स फेलियर नियम के तहत जारी किए गए थे, क्योंकि दोनों क्रिकेटर तय डोप टेस्ट के लिए बताई गई जगहों पर नहीं पाए गए थे. दोनों खिलाड़ियों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है, और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी इस बारे में बताया गया है.
दरअसल डोप टेस्ट से पता लगाया जाता है कि किसी खिलाड़ी ने प्रतिबंधित सप्लीमेंट या दवा तो नहीं ली है. आपको बता दें कि रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल प्लेयर्स को डोप टेस्ट के लिए दिन के समय और स्थान बताना होता है. उस स्थान और तय समय पर डोप कंट्रोल ऑफिसर सैंपल लेने के लिए आता है. ये दोनों क्रिकेटर ही अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद नाडा ने दोनों क्रिकेटर्स को नोटिस जारी किया. बता दें कि पिछले साल 17 दिसंबर को अधिकारी यशस्वी जायसवाल का डोप टेस्ट लेने पहुंचा, लेकिन वह नहीं मिले. वहीं भारतीय महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा का 7 नवंबर को सैंपल लेना था, लेकिन वह भी नहीं मिली. दोनों क्रिकेटर RTP में आते हैं.
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तय तारीख और समय पर ना मिलने के बाद NADA ने 18 और 20 फरवरी को दोनों क्रिकेटर्स से जवाब मांगा, लेकिन दोनों ही खिलाड़ियों ने जवाब नहीं दिया, जिससे उनके पहले छूटे हुए टेस्ट का रजिस्ट्रेशन हो गया. एक भी छूटा हुआ टेस्ट एंटी-डोपिंग उल्लंघन नहीं माना जाता। अगर कोई खिलाड़ी NADA के हियरिंग पैनल के सामने अपना बचाव नहीं कर पाता है, तो उसे दो साल का सस्पेंशन झेलना पड़ सकता है।
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