लीगल

वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने की याचिका पर CJI बी आर गवई 13 अक्टूबर को करेंगे सुनवाई

Waqf Amendment Act 2025: वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सीजेआई बी आर गवई ने 13 अक्टूबर को सुनवाई का भरोसा दिया है. वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने सीजेआई बी आर गवई के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई का भरोसा दिया है. यह याचिका कई मुस्लिम संगठनों की ओर से दायर की गई है.

वक्फ संशोधन कानून 2025 पर विवाद जारी

इससे पहले सीजेआई बी आर गवई ने कहा था कि मामले को सूचीबद्ध करने का मतलब मंजूरी देना नही है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने कहा था कि कानून को छह महीने का समय दिया गया था, जिसमें से पांच महीने फैसला आने में बीत गया है, अब सिर्फ एक महीना बचा है. मुस्लिम संगठनों ने इस नए वक्फ संशोधन कानून 2025 का विरोध किया है. इस कानून की विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों और सिख व ईसाई समुदाय समेत अन्य अल्पसंख्यकों द्वारा भी आलोचना की गई है.

इसको लेकर मौलाना रहमानी ने कहा कि इस कानून को न केवल मुस्लिम संगठनों, बल्कि विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों ने भी अस्वीकार किया हैं. इसके बावजूद सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की योजना को बोर्ड ने गैरकानूनी करार दिया है. उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ और सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन मामले की अवमानना बताया है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न प्राथमिकी को किया रद्द, पति की आत्महत्या के 40 दिन बाद दर्ज की गई थी

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून पर फैसला सुरक्षित रखा

बता दें कि वक्फ संशोधन एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई है. जिसपर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख रखा है. सुप्रीम कोर्ट तय करने वाला है कि सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन कानून 2025 पर अंतरिम रोक लगाई जाए या.नहीं है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि इस कानून में मौजूद विवादित प्रावधानों को तब तक लागू नहीं किया जाएगा, जबतक इसपर कोई फैसला नहीं आ जाता.

दरअसल सरकार द्वारा लाया लॉन्च किया जा रहा वक्फ उम्मीद पोर्टल केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पहल है. जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का केंद्रीकृत पंजीकरण और प्रबंधन करना है. सरकार के दावा है कि यह पोर्टल वक्फ.संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा और अवैध कब्जे को रोकेगा.

Also Follow Bharat Express on Youtube

– भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

यासीन मलिक पर राऊज एवेन्यु कोर्ट का फैसला, 7 के खिलाफ आरोप तय; पाकिस्तान से ली थी फंडिंग

दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट ने पाकिस्तानी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यासीन मलिक…

12 minutes ago

राम मंदिर चंदा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने चंपत राय के खिलाफ याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय…

18 minutes ago

CEO ने कहा ‘मालिक की तरह सोचो’, कर्मचारी ने दिया हैरान कर देने वाला जबाव

Gen Z Employee Viral Story: एक वायरल किस्से में CEO ने कर्मचारी को करियर में…

20 minutes ago

2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषी अहमद बावा की फांसी पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में मौत की सजा पाए दोषी…

22 minutes ago

इतिहास चुराने की कोशिश? पूर्व पाकिस्‍तानी PM बोले- ‘हमारी जड़ें 9,000 साल पुरानी’, भड़के यूजर्स ने लगाई क्लास

Pakistan History Claim: पाकिस्तान के पूर्व केयरटेकर पीएम अनवार उल हक काकड़ ने सिंधु घाटी…

28 minutes ago

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामला: NIA कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 21 नवंबर तक बढ़ाई

राऊज एवेन्यु कोर्ट की एनआईए अदालत ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले के सभी 11…

30 minutes ago