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Waqf Amendment Act 2025

मध्य प्रदेश के वक्फ मुतवल्ली ने उम्मीद पोर्टल में खामियों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दायर याचिका में तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए दिशा निर्देश देने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशनिंग कर जल्द सुनवाई की मांग की गई जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई की तारीख 13 अक्टूबर तय की है. CJI बी आर गवई मामले की सुनवाई करेंगे.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने की याचिका दायर की है. सरकार की डिजिटल वक्फ पोर्टल योजना को लेकर विवाद जारी है.

क्फ संशोधित कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ 15 सितंबर को फैसला सुनाएगी. 22 मई को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया था.

वक्फ संशोधित कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के बीच संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और वक्फ संपत्ति को लेकर तीखी बहस देखने को मिली.

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से लंबित मामलों में हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने को कहा। केंद्र सरकार ने वक्फ कानून को संवैधानिक और मुस्लिम समाज के हित में बताया.

JIH प्रतिनिधि परिषद ने वक्फ कानून को निरस्त करने का आग्रह किया, इजरायल की निंदा की, न्यायपूर्ण वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, संवैधानिक और नैतिक मूल्यों की सुरक्षा और यूसीसी की अस्वीकृति का आह्वान किया

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन कानून के समर्थन में सात राज्यों की सरकारें सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं. सातों राज्यों ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील का विरोध किया है कि वक्फ संशोधन कानून संविधान के विरुद्ध है.

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद द्वारा दायर याचिका में अधिनियम को असंवैधानिक बताते हुए धार्मिक स्वतंत्रता, वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता और समुदाय के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.