Abortion Pills Risk
Abortion Pills Risk: राजस्थान के भीलवाड़ा में 6 दिनों के भीतर 5 प्रसूताओं की मौत हो गई. ये सभी गर्भवती महिलाएं महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में भर्ती थीं. सिजेरियन ऑपरेशन के बाद इनकी तबियत बिगड़ गई थी.
इस मामले की जांच जिला प्रशासन कर रहा है. शुरूआती जांच में पता चला है कि इन मृतक महिलाओं में से दो महिलाएं ऐसी थी, जो गर्भपात की गोलियां खाने की वजह से पहले प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थीं. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था. हालत नाजुक होने के चलते डॉक्टरों ने उनका तुरंत इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
गर्भपात की गोली खाने से मौतों का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले वाराणसी से भी ऐसी खबरें सामने आ चुकी है. जहां तीन महीने की प्रेगनेंट युवती गर्भपात की गोली खा ली, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई. दवा खाने की वजह से उसे तेज ब्लीडिंग होने लगी थी. खून ज्यादा गिरने के चलते उसकी बीएचयू में मौत हो गई थी.
इस समय युवतियां अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह पर गर्भपात की गोलियां खा रही हैं. ये गोलियां बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं. बिना डॉक्टर के प्रिस्क्राइब किये युवतियां इन गोलियों को खाकर गर्भपात तो करा रही हैं, लेकिन इससे उनकी जान भी चली जा रही है. कभी-कभी युवतियां गंभीर संक्रमण से भी ग्रस्त हो जा रही हैं.
गर्भपात की गोलियां खाने से युवतियों में खून ज्यादा गिरने से लेकर यूट्रस संबंधी कई गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं. कई युवतियां और महिलाएं खुद ही यूट्यूब या सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो को देखकर गर्भपात कराने वाली दवाओं का सेवन करके अपना जीवन खतरे में डाल रही हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि जो युवतियां या महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह पर गर्भपात कराने वाली गोलियों का सेवन कर रही हैं. वो बेहद ही खतरनाक है. अगर किसी महिला को गर्भपात कराना जरूरी है तो वो डॉक्टर की सलाह या देखरेख में ऐसा करा सकती है.
अगर कोई महिला या युवती दो महीने की प्रेगनेंट है तो वो गर्भपात करा सकती है, लेकिन अगर कोई महिला दो महीने से ज्यादा की प्रेगनेंट है तो गोली खाकर गर्भपात कराना बेहद खतरनाक है. इससे ना सिर्फ महिलाओं को गंभीर संक्रमण हो जाता है, बल्कि कई मामलों में गर्भ पूरी तरह से खत्म भी नहीं होता. ऐसे में महिलाओं को सर्जरी करानी पड़ जाती है.
बीएचयू में स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. ममता का कहना है कि कई मामलों में गर्भपात की गोली काम नहीं करती है. इससे गर्भाशय में मौजूद ट्यूब फट जाता है और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है. शरीर में खून की कमी होने के चलते जान पर खतरा बढ़ जाता है.
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बिना डॉक्टर के सहयोग से गर्भपात कराने से महिलाओं को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. कई बार अधिक खून बहने से जान चली जा रही है. कई महिलाओं के गर्भाशय में संक्रमण भी देखने को मिल रहा है. जिससे आगे चलकर गर्भधारण करने में समस्या भी हो सकती है.
इसलिए अगर आप गर्भपात कराना चाहती हैं तो हमेशा डॉक्टरों की निगरानी में ही करायें.
-भारत एक्सप्रेस
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