US Israel Iran conflict: 9 जुलाई को अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने पहली बार देश को संबोधित किया. उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर अपने पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए बदला लेने की बात कही.
बदला लेने की कसम
मोजतबा ने कहा कि उनके पिता का खून बेगुनाह था और उसका हिसाब जरूर लिया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि बदला लेना सिर्फ नारा नहीं बल्कि देश की इच्छा है. चाहे वह खुद सत्ता में रहें या न रहें, दुश्मनों को कब्र तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है. उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए एक लिस्ट तैयार की जा रही है.
जनाजे में भीड़ की तारीफ
अपने संबोधन में उन्होंने उन लाखों लोगों का आभार जताया जो उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. उन्होंने इस भीड़ को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह दुश्मनों का मनोबल तोड़ने वाली थी. ईरान ने अली खामेनेई के जनाजे को भव्य तरीके से आयोजित कर दुनिया को एकजुटता का संदेश दिया.
कब हुई थी मौत?
अली खामेनेई की मौत फरवरी में ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले दिन ही हो गई थी. 4 जुलाई से 9 जुलाई तक अंतिम विदाई का कार्यक्रम चला और 9 जुलाई को मशहद में उन्हें दफनाया गया. इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और देश-विदेश से लोग शामिल हुए.
ये भी पढ़ें-होर्मुज का विकल्प: ईरान को घेरने के लिए क्या है ट्रंप का सीरिया प्लान?
सीजफायर समझौता टूटा
ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी से जून तक संघर्ष चला. 17 जून को दोनों देशों ने 60 दिन का सीजफायर समझौता किया था. लेकिन 7 जुलाई को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों को निशाना बनाया. इसके अगले दिन अमेरिका ने ईरान पर हमले किए. अब दोनों देशों के बीच लगातार हमले जारी हैं और खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


