Bharat Express DD Free Dish

कोर्ट मास्टर की बेटी, 14 करोड़ और 2 मौतें! 7 लाख में मां की सुपारी देने वाली आयुषी की कहानी में नया मोड़

Jaipur Ayushi Case: जयपुर की छात्रा आयुषी पर अपनी मां की हत्या का आरोप है. परिजनों ने पिता की मौत पर भी सवाल उठाए हैं.

Jaipur Ayushi Case: जयपुर की एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा आयुषी कुछ दिन पहले तक आम नाम थी लेकिन अब वह राजस्थान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गई है. पुलिस का कहना है कि आयुषी ने अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या के लिए सात लाख रुपये में सुपारी दी थी. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं.

पिता की मौत पर भी शक

नीरज शर्मा की हत्या की जांच चल ही रही थी कि उनके भाई राकेश शर्मा ने दावा किया कि परिवार में यह पहली संदिग्ध मौत नहीं है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 में आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ की मौत भी सामान्य नहीं थी. राकेश ने पुलिस से पिता की मौत की भी जांच की मांग की है. अब सवाल यह है कि क्या मां और पिता की मौत के बीच कोई संबंध है?

करोड़ों की संपत्ति का विवाद

परिवार के पास करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. विजय वशिष्ठ राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे. आरोप है कि उनकी मौत के बाद आयुषी ने सबसे पहले अनुकंपा नियुक्ति की बात की और फिर संपत्ति अपने नाम कराने की कोशिश शुरू की. परिजनों का कहना है कि संपत्ति और नौकरी को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया.

मां से रिश्ते खराब

पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर कहा कि उसे लगता था कि मां अपने स्पेशल चाइल्ड बेटे को ज्यादा महत्व देती थीं. वह खुद को परिवार में अकेला महसूस करती थी. उसने यह भी बताया कि मां से उसके रिश्ते लंबे समय से खराब थे और अक्सर झगड़े होते थे. पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या सिर्फ नाराजगी हत्या की साजिश तक ले जा सकती है.

धमकी और वॉट्सऐप स्टेटस

आयुषी के मामा ने दावा किया कि एक बार झगड़े के दौरान आयुषी ने मां से कहा था कि जब पापा को मार दिया तो तुम क्या चीज हो. इसके बाद नीरज शर्मा ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लिखा था कि बस दो दिन की जिंदगी बची है. मामा का आरोप है कि विजय वशिष्ठ लंबे समय से बीमार जरूर थे लेकिन उनकी हालत सुधर रही थी. अचानक अस्पताल बदलने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने से शक और गहरा गया.

बलराम का नाम बार-बार

इस केस में आयुषी के चचेरे भाई बलराम का नाम भी लगातार सामने आ रहा है. परिजनों का आरोप है कि आयुषी के हर बड़े फैसले में बलराम शामिल था. पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि आयुषी बेहद तेज दिमाग वाली है. कई सवालों पर वह सामान्य जवाब देती है लेकिन निजी बातों पर चुप हो जाती है. इसी वजह से अब उससे मनोवैज्ञानिकों की मदद से पूछताछ की जाएगी.

कई परतों वाली कहानी

इस केस में मां की हत्या है, पिता की मौत पर उठते सवाल हैं, करोड़ों की संपत्ति है, सरकारी नौकरी का विवाद है और परिवार के भीतर टूटते रिश्ते हैं. आरोपों की सच्चाई तक पहुंचना अभी बाकी है. पुलिस मां की हत्या की जांच कर रही है और परिजनों की शिकायत पर पिता की मौत और संपत्ति विवाद की भी जांच की बात कही गई है.

पुलिस का बयान

डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा है कि परिजनों की ओर से पिता की मौत और अन्य आरोपों को लेकर दी गई शिकायत की भी जांच होगी. साथ ही आयुषी से मनोवैज्ञानिकों की मदद से पूछताछ की जाएगी ताकि उसके व्यवहार और संभावित मकसद को समझा जा सके.

ये भी पढ़ें-बारिश से ढली मंडी में घटी सेब-नाशपाती की आवक, कम सप्लाई से बढ़े दाम

अनसुलझे सवाल

फिलहाल इस केस में कई सवाल खड़े हैं. क्या पिता की मौत स्वाभाविक थी या परिजनों के आरोप सही हैं? क्या संपत्ति और नौकरी विवाद ने परिवार को तोड़ दिया? क्या मां की हत्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read