गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी
Cancer Causing Foods: कई लोगों ऐसे हैं जिन्होंने बचपन में कॉटन कैंडी का लुत्फ उठाया होगा. आज भी कई लोग बड़े शौक से इसे खाते हैं. इसके अलावा कई लोगों को गोभी मंचूरियन भी काफी पसंद होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाल ही में इसको लेकर सामने आए कुछ टेस्ट में यह पता चला कि इसका सेवन करने से कैंसर हो सकता है जिसके बाद इसे कई राज्यों में बैन कर दिया है. अगर आप भी अपने बच्चों को कॉटन कैंडी या फिर दोस्तों के साथ गोभी मंचूरियन खाने का प्लान कर रहे हैं, तो इससे पहले इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में जरूर जान लें.
हाल ही में कर्नाटक सरकार ने कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन पर बैन लगा दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा है कि कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन में हानिकारक कलर और केमिकल यूज किया जा रहा है. जिसकी वजह से लोगों में कैंसर जैसी बीमारियां फैल रही है. ऐसे में सरकार इन पर प्रतिबंध लगा रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा कलर कॉटन कैंडी भी सेहत के लिए हानिकारक साबित हुई है. एक टेस्ट में यह भी सामने आया है कि इन दोनों फूड आइटम्स को तैयार करने के लिए कैंसर की वजह बनाने वाले एडिटिव्स रोडा माइन-बी और टार्ट्राजिन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
स्वास्थय मंत्री ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि बिना हानिकारक रंग का इस्तेमाल किए बनने वाली गोभी मंचूरियन पर रोक नहीं होगी. आपको बता दें कि कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन खाने से बीमारी होने के मामले बढ़ रहे थे. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कर्नाटक के अलग-अलग जगहों से कुल 171 गोभी मंचूरियन और 107 रोडा माइन-बी रंग होने की बात पता चली थी. जिसके बाद इन पर बैन लगाने के निर्णय लिया गया है.
अब कर्नाटक में कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन बनाने में हानिकारक रंगों का यूज करने वालों पर सुरक्षा अधिनियम की धारा 59 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस धारा में दोषी पाए जाने पर 7 साल से लेकर आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माना का प्रावधान है. इस पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम का गठन किया गया है.
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कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन में रंग लाने के लिए रोडा माइन बी का इस्तेमाल किया जाता है. जो आपके हेल्थ के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. दरअसल रोडा माइन-बी एक सिंथेटिक डाई है जिसका कॉटन कैंडी और मंचूरियन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि यह सबसे जहरीला होता है और इससे कैंसर का खतरा भी सबसे अधिक होता है. रोडामाइन बी का दुष्प्रभाव ना सिर्फ कार्सिनोजेन्स पर होता है बल्कि कई न्यूरोलॉजिकल जैसे भ्रम और याददाश्त पर भी होता है.
कर्नाटक से पहले पांडिचेरी और तमिलनाडु की सरकारों ने भी कलर कॉटन कैंडी के उत्पादन में रोडा माइन-बी पाए जाने के बाद इसे बनाने और बेचने पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया है. इसके अलावा उत्तरी गोवा की मापुसा नगर परिषद भी सड़क के किनारे स्टॉल पर मिलने वाले गोबी मंचूरियन की बिक्री बैन लगा चुकी है.
-भारत एक्सप्रेस
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