गर्मियों का मौसम आते ही चौराहों पर सजे भुट्टे के ठेले और उससे उठती सोंधी-सोंधी खुशबू किसे पसंद नहीं होती? बच्चा हो या बूढ़ा, गरमा-गरम भुट्टा देखकर सबके मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला वही ‘आकर्षक’ दिखने वाला भुट्टा आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है? आजकल मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यापारी भुट्टों को लंबे समय तक ताजा और चमकदार दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं.
अगर आप भी स्वाद के चक्कर में ये जहरीले भुट्टे खा रहे हैं, तो संभल जाइए. पेट दर्द, फूड पॉइजनिंग और एलर्जी जैसी समस्याओं से बचने के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आप जो भुट्टा खरीद रहे हैं, वह असली है या केमिकल से रंगा हुआ.
हम अक्सर बाजार में उन भुट्टों को चुनते हैं जो बहुत ज्यादा चमकदार और एकदम पीले दिखते हैं. पर यकीन मानिए, यही आपकी सबसे बड़ी गलती है. कुदरती तौर पर भुट्टे के दाने हल्के पीले और ‘मैट’ (बिना चमक वाले) होते हैं. वहीं, अगर आपको भुट्टा हद से ज्यादा चमकता हुआ या प्लास्टिक जैसा दिख रहा है, तो समझ जाइए कि उसे केमिकल की पॉलिश दी गई है. याद रखें, जो चीज कुदरती होती है, वो इतनी ज्यादा ‘परफेक्ट’ नहीं दिखती.
भुट्टे को पहचानने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है उसकी महक. असली भुट्टे से हमेशा एक सौंधी, मिट्टी जैसी खुशबू आती है. अगर आप भुट्टे को सूंघते हैं और आपको किसी तरह की तीखी गंध, रसायनों की बदबू या कोई अजीब सी स्मेल महसूस होती है, तो उसे गलती से भी न खरीदें. यह साफ संकेत है कि इसे प्रिजर्वेटिव्स में डुबोकर रखा गया है.
भुट्टे के बाहर चढ़ी पत्तियां भी उसकी सच्चाई बयां कर देती हैं. असली भुट्टे की पत्तियां अक्सर थोड़ी सूखी, पीली या उन पर प्राकृतिक झुर्रियां होती हैं. अगर पत्तियां बहुत ज्यादा हरी-भरी और एकदम चमकती हुई दिखें, तो ये इस बात का इशारा है कि उन्हें रसायनों से ट्रीट किया गया है.
खरीदते समय अपने अंगूठे से दाने को हल्का सा दबाकर देखें. असली और ताजा भुट्टे के दाने थोड़े मुलायम होते हैं और उनमें से दूधिया रस निकलता है. वहीं, अगर दाने पत्थर जैसे सख्त हैं, तो समझ लीजिए कि या तो वे पुराने हैं या फिर केमिकल ट्रीटमेंट की वजह से खराब हो चुके हैं. ऐसे भुट्टे स्वाद में तो फीके होते ही हैं, साथ ही ये पचने में भी बहुत भारी होते हैं, जिससे पेट की समस्याएं शुरू हो जाती हैं.
ये भी पढ़ें: महंगी दवाइयां छोड़िए! किचन में बनाए ये ‘जादुई जूस’ और लिवर को दें नई जिंदगी; जानें कैसे होगा तैयार
-भारत एक्सप्रेस
MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…
एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…
बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…