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बारिश में शरीर को करें रीसेट! मानसून में अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक आदतें, इम्युनिटी भी होगी मजबूत

Monsoon Ayurvedic Health Tips: मानसून अपने साथ ठंडक और राहत तो लेकर आता है, लेकिन यही मौसम संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याओं और कमजोर इम्युनिटी का खतरा भी बढ़ा देता है. आयुर्वेद के अनुसार बारिश के दौरान शरीर का (डाइजेस्टिव फायर) कमजोर हो जाता है, जिससे बीमारियां आसानी से घेर सकती हैं. ऐसे में अगर कुछ आसान आयुर्वेदिक आदतों को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो शरीर को अंदर से मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है.

1. दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें

मानसून में सुबह उठते ही एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना फायदेमंद माना जाता है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है, पाचन क्रिया बेहतर होती है और शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है. चाहें तो इसमें थोड़ा सा अदरक या नींबू भी मिला सकते हैं.

2. हल्का और ताजा भोजन करें

बारिश के मौसम में तला-भुना, बासी और अधिक मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए. आयुर्वेद ताजा, हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन खाने की सलाह देता है. मूंग दाल की खिचड़ी, मौसमी सब्जियां, सूप और गर्म भोजन इस मौसम में बेहतर विकल्प माने जाते हैं.

3. रोजाना योग और प्राणायाम करें

बारिश के कारण बाहर वॉक करना संभव न हो तो घर पर ही 20 से 30 मिनट योग और प्राणायाम करें. अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और हल्की स्ट्रेचिंग शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के साथ मानसिक तनाव कम करने में भी मदद कर सकती है.

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4. हर्बल ड्रिंक और मसालों को बनाएं डाइट का हिस्सा

तुलसी, अदरक, दालचीनी, काली मिर्च और हल्दी जैसे प्राकृतिक मसाले इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं. दिन में एक बार हर्बल काढ़ा या गर्म हर्बल चाय पीने से मौसम बदलने के दौरान होने वाली सामान्य समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है.

5. पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या अपनाएं

अच्छी सेहत के लिए 7 से 8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है. समय पर सोना, समय पर उठना और रोज एक जैसी दिनचर्या का पालन करना शरीर की जैविक घड़ी को संतुलित रखने में मदद करता है. इससे शरीर को बेहतर रिकवरी और ऊर्जा मिलती है.

आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में खानपान, स्वच्छता और नियमित दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए. यदि बुखार, लगातार पेट खराब होना या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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