Health Tips: डायबिटीज के मरीजों के लिए मिल्की मशरूम बेहद फायदेमंद हो सकता है. हिमाचल प्रदेश के सोलन में किए गए एक रिसर्च में यह जानकारी सामने आई है. डायबिटीज के मरीजों को इस रिसर्च से राहत मिल सकती है. जापान, चीन के बाद भारत में मिल्की मशरूम की खेती सबसे ज्यादा हो रही है.
रिसर्च के मुताबिक मिल्की मशरूम शुगर कंट्रोल करने का एक आसान और प्राकृतिक तरीका हो सकता है. हालांकि किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें. खासकर अगर आप डायबिटीज की दवाइयां ले रहे हैं. वैसे भी आजकल लोग दवाइयों के साइड इफेक्ट से परेशान रहते हैं. यहां तक कि शुगर को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक उपाय तलाशते हैं. ऐसे में मिल्की मशरूम एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका नियमित सेवन से ब्लड शुगर के स्तर को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित खुंब अनुसंधान निदेशालय में वैज्ञानिकों ने मशरूम की कई किस्मों पर करीब 3 साल तक रिसर्च किया. इस दौरान लगभग 321 प्रजातियों की टेस्टिंग की गई. रिसर्च में पाया गया कि भले ही सभी मशरूम अपने- अपने तरीके से सेहत के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन मिल्की मशरूम खासतौर पर डायबिटीज रोगियों के लिए सबसे बेहतर साबित हुई.
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रिसर्च के मुताबिक, इस मशरूम के सेवन से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, जिससे शरीर में इंसुलिन सही तरीके से काम करता है और ब्लड शुगर का स्तर प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव कंपाउंड ब्लड शुगर को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. मिल्की मशरूम पोषण का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. इसमें विटामिन- C भरपूर मात्रा में पाया जाता है. सिर्फ 100 ग्राम मशरूम में करीब 8.60 ग्राम विटामिन-B मौजूद होता है.
इसके अलावा इसमें विटामिन B-3 यानी नाइसिन भी पाया जाता है, जो शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है. इतना ही नहीं यह मशरूम फाइबर से भी समृद्ध होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. टाइप- 2 डायबिटीज धीरे- धीरे शरीर को प्रभावित करती है और कई बार लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती है.
इसके शुरुआती संकेतों में बार- बार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, अचानक वजन बढ़ना या घटना, आंखों से धुंधला दिखाई देना और घावों का जल्दी न भरना शामिल हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, ताकि बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सके. मिल्की मशरूम दिखने में दूध जैसी सफेद होती है और इसमें बटन मशरूम की तरह कोई दाग नहीं पाया जाता. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी खेती कम लागत में अधिक उत्पादन के साथ की जा सकती है, इसलिए यह किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो रही है. खेती के मामले में भी इसका महत्व तेजी से बढ़ रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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