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रैशेज, मस्से या नाखूनों में बदलाव हो सकते हैं Skin Cancer के लक्षण, जानिए कैसे पहचानें इस खतरनाक रोग के संकेत

Skin Cancer Signs: स्किन कैंसर दुनिया के सबसे आम कैंसरों में से एक है, लेकिन इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं. अमेरिका में हर साल करीब 54 लाख लोग इससे प्रभावित होते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते लक्षणों की पहचान से इसका इलाज प्रभावी तरीके से किया जा सकता है (Cancer Symptoms).

त्वचा पर दिखने वाले ये बदलाव हो सकते हैं चेतावनी संकेत

त्वचा पर नई गांठ, तिल, मस्सा या रैश जैसी चीजें सामान्य लग सकती हैं, लेकिन इनमें अचानक होने वाला कोई भी बदलाव खतरनाक साबित हो सकता है. खासतौर पर अगर ये लंबे समय तक ठीक न हो रहें हों, तो सावधानी जरूरी है.

नाखूनों में दिखे काली या भूरे रंग की धारियां तो सतर्क हो जाएं

अगर नाखून के नीचे कोई गहरी पट्टी या रंग बदलने जैसा लक्षण दिखाई दे तो यह सबएंगुअल मेलानोमा (Subungual Melanoma) हो सकता है. यह स्किन कैंसर का एक रेयर लेकिन गंभीर प्रकार है, जो अक्सर नाखून को जड़ से अलग कर सकता है. (Melanoma Awareness)

आपकी त्वचा के रंग में बदलाव हो और पपड़ीनुमा दाग दिखें

त्वचा पर लाल, बैंगनी या भूरे रंग के पैच अगर बिना किसी कारण के दिखने लगे, तो यह कपोसी सारकोमा हो सकता है. वहीं, सूखी, खुरदरी स्किन जो मॉइश्चराइजर से भी ठीक न हो, वह एक्टिनिक कैरेटोसिस हो सकती है, जो आगे चलकर कैंसर में बदल सकती है.

ABCDE रूल से पहचानें खतरनाक तिल

A (Asymmetry): तिल का एक भाग दूसरे से अलग हो

B (Border): किनारे अनियमित या कटे-फटे हों

C (Color): एक तिल में एक से अधिक रंग दिखें

D (Diameter): आकार 6 मिमी से बड़ा हो

E (Evolution): समय के साथ बदलाव हो रहा हो

ये पांचों संकेत मेलानोमा जैसी गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं. (Cancer ABCDE Rule)

किन लोगों को स्किन कैंसर का खतरा ज्यादा?

स्किन कैंसर किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ फैक्टर्स इसे बढ़ा सकते हैं:

  • ज्यादा धूप में रहना
  • हल्की त्वचा वाले लोग
  • फैमिली हिस्ट्री
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • उम्र (50 के बाद पुरुषों में ज्यादा, उससे पहले महिलाओं में ज्यादा)

समय रहते जांच और सतर्कता है जरूरी

अगर किसी तिल, मस्से या त्वचा पर कोई भी बदलाव दिखे, जो सामान्य से अलग हो और लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें. शुरुआती पहचान से इलाज संभव है और गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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