राम मंदिर

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्याधाम में बजेगा अष्टधातु से बना 2400 किलो का घंटा, पूजा-पाठ के बाद एटा से किया गया रवाना, जानें खासियत

Ayodhya Ram Mandir: भगवान राम की नगरी अयोध्या में 22 जनवरी को श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है. इसको लेकर पूरे देश के रामभक्तों में उत्साह की लहर है. भगवान राम के भक्त अपने प्रभु के प्रति अपनी भावना को जताने के लिए अयोध्या धाम लगातार कुछ न कुछ भेंट भेज रहे हैं. इसी क्रम में एटा से 2400 किलो का अष्टधातु से बना घंटा रवाना किया गया है. इससे पहले सोमवार की सुबह घंटे की पूजा कर बड़ी संख्या में राम भक्तों ने शोभायात्रा निकाली. इसके बाद अयोध्याधाम के लिए फूलों से सजे एक बड़े ट्रक में घंटा रवाना किया गया है. इस घंटे की खासियत ये है कि, इसमें एटा की भी पहचान दिखाई देगी.

सोमवार की सुबह एटा के जलेसर में ‘घंटे’ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के साथ ही बच्चों और युवाओं ने भी हिस्सा लिया. यात्रा सुबह करीब 10 बजे प्रारंभ हुई, जो कटरा चुंगी स्थित पूर्व पालिका अध्यक्ष विकास मित्तल की फैक्ट्री से निकाली गई. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और जिले के प्रभारी मंत्री केपी मलिक सहित विधायक संजीव दिवाकर व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे. यात्रा माधव नगर होते हुए आगरा चौराहे पर पहुंची और फिर यहां से कटरा चुंगी, शेरगंज बस्ती, थाना बड़ा बाजार, कला बाजार मोड़, नल बाजार, विसात खाना मंडी, जवाहरगंज, चर्च रोड, स्टेट बैंक रोड, महावीरगंज होती हुई निधौली चौराहे पर पहुंचने के बाद यात्रा यहां से अयोध्या के लिए रवाना हो गई.

यात्रा में हजारों की संख्या में रामभक्त शामिल हुए. इससे पहले रविवार को जलेसर में घंटे का पूजन कार्यक्रम भी हुआ था. इसके बाद सोमवार को शोभायात्रा निकाल कर विधिवत पूजन के बाद घंटे को अयोध्या के लिए रवाना किया गया है. मालूम हो कि इससे पहले रामलला के ननिहाल छत्तीसगढ़ से चावल, तो अलीगढ़ से घंटा, राजस्थान से घी, गुजरात से अगरबत्ती, ध्वजदंड सहित तमाम सामग्री राम मंदिर के लिए भेजी जा चुकी हैं.

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घंटा बनाने में लगा चार वर्ष का समय

बता दें कि भगवान राम के मंदिर में लगने वाले इस घंटे को बनाने में करीब चार साल का समय लगा है. इसे जलेसर क्षेत्र में तैयार किया गया है. इस घंटे को रामसेवकपुरम में स्थापित किया जाएगा. इसके लिए मुख्यमंत्री और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अनुमति मिल गई है. बताया जा रहा है कि पूरे परिसर में लगने वाला यह सबसे बड़ा घंटा होगा. इस सम्बंध में आदित्य मित्तल, घंटा फैक्टरी के मालिक ने बताया कि, 2400 किलो वजन का यह घंटा अष्टधातु से बनाया गया है. उन्होंने दावा किया कि इससे निकलने वाली आवाज अद्भुत होगी. जो दूर-दूर तक लोगों को सुनाई देगी. इसी के साथ ही उन्होंने बताया कि इस घंटे के निर्माण में करीब 25 लाख रुपये की लागत आई है. आकार में यह छह फीट ऊंचा और पांच फीट चौड़ा है.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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