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Vijaya Ekadashi 2025: 22 या 23 फरवरी.. कब है विजया एकादशी? जानिए इसके व्रत से जुड़े नियम

Vijaya Ekadashi 2025: विजया एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. यह व्रत प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आता है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले भगवान श्रीराम ने भी विजया एकादशी का व्रत किया था. यही कारण है कि इसे सफलता और विजय दिलाने वाला व्रत माना जाता है. यह व्रत शत्रुओं और विरोधियों पर जीत पाने के लिए भी किया जाता है.

विजया एकादशी 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त

– एकादशी तिथि प्रारंभ: 23 फरवरी, दोपहर 1:56 बजे
– एकादशी तिथि समाप्त: 24 फरवरी, दोपहर 1:45 बजे
– उदया तिथि के अनुसार व्रत रखने का दिन: 24 फरवरी 2024

विजया एकादशी व्रत के नियम

  • इस दिन उपवास कम से कम एक बेला जरूर करें और सात्त्विक आहार ग्रहण करें.
  • व्रत में फल, कुट्टू, आलू, साबूदाना, शकरकंद, नारियल, दूध आदि खाया जा सकता है.
  • स्वास्थ्य कारणों से व्रत न रखने पर भी चावल, बैंगन, मसूर की दाल, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से परहेज करें.
  • इस दिन मन, वाणी और आचरण को नियंत्रित रखें. गलत विचारों से बचें, अधिक क्रोध न करें और श्रीहरि का ध्यान करें.

करियर में सफलता पाने के लिए उपाय

यदि आप अपने करियर में तरक्की चाहते हैं तो विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केसर युक्त दूध का भोग लगाएं. साथ ही, सुबह और शाम तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाएं. इससे सफलता के मार्ग खुलेंगे.

विजया एकादशी की पूजा विधि

  • प्रातः स्नान करके पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें.
  • भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें.
  • चंदन, फूल, तुलसी पत्र, धूप-दीप और फल अर्पित करें.
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
  • पूजा के बाद व्रत कथा का पाठ करें और श्रीहरि की आरती करें.

पूजा थाली में शामिल करने ये जरूरी चीजें

  • भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर – पूजा के लिए अनिवार्य
  • पीले फूल – भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होते हैं.
  • फल और मिठाई – भोग में अर्पित करने के लिए
  • तुलसी के पत्ते – भगवान विष्णु की पूजा में अनिवार्य माने जाते हैं.
  • दीपक और धूप– पूजा और आरती के लिए आवश्यक
  • पंचामृत– भगवान विष्णु को प्रिय होता है.
  • नारियल – विजया एकादशी पर विशेष महत्व रखता है.

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-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

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