वराह जयंती 2026: कब है भगवान विष्णु के तीसरे अवतार का यह पावन पर्व, जानें हिरण्याक्ष वध और पृथ्वी उद्धार की पूरी पौराणिक कथा
हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह भगवान की जयंती बड़े भक्तिभाव से मनाई जाती है. इस दिन का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि सृष्टि की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर अधर्म का नाश किया और धर्म तथा सत्य की पुनर्स्थापना का अमर संदेश दिया.
‘ओणम पर आज विष्णु के वामन अवतार बरसाएंगे कृपा…!’ जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
26 अगस्त 2026 को ओणम और बुधवार का संयोग है. भगवान विष्णु के वामन अवतार और गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. आज अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:57 से 12:48 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल 12:28 से 2:03 बजे तक है.
Aaj Ka Panchang: निर्जला एकादशी पर धनवान बनने की निंजा टेक्निक, नोट कर लें श्रीहरि की पूजा का शुभ मुहूर्त…बना देंगे लखपति
आज निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है. गुरुवार और एकादशी के दुर्लभ संयोग में पूजा, दान और मंत्र जाप करने से सुख-समृद्धि तथा आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है.
Sudarshana Chakra: कितना विध्वंसक था यह दिव्यास्त्र, किसने किया इसका निर्माण? पुराणों से जानिए पूरी कहानी
Lord Vishnu Sudarshan Chakra: सुदर्शन चक्र केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की दिव्य चेतना का प्रतीक है. इसका वेग लोहा-पत्थर और पर्वतों को भी काट डालने वाला है. यह दैवीय अस्त्र अधर्म का अंत करता है.
Devuthani Ekadashi 2025: इस दिन योगनिद्रा से जागेंगे भगवान, 24 एकादशियां में ये एकादशी सबसे शुभ; जानिए क्या करें और क्या न करें
24 एकादशियों में सबसे शुभ माने जाने वाली देवउठनी एकादशी इस बार 1 नवंबर 2025, शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे, हालांकि, ज्योतिषियों का कहना है कि शनि का साया भी रहेगा, ऐसे में कुछ गलतियों से बचें!
Dev Uthani Ekadashi 2025: कब है देवउठनी एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की अराधना के लिए समर्पित है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है. वर्ष के 24 एकादशियों में से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है, एक विशेष महत्व रखती है.
जानिए, हमेशा भगवान विष्णु के चरणों के पास क्यों बैठे नजर आती हैं देवी लक्ष्मी? Diwali पर पूजन का विशेष महत्व
महालक्ष्मी अपने पति परमेश्वर भगवान विष्णु के चरणों के पास बैठती हैं, जो समर्पण, सेवा और शक्ति के एक साथ होने का प्रतीक है. यह दर्शाता है कि धन (लक्ष्मी) का उचित उपयोग भगवान विष्णु के मार्गदर्शन में ही संभव है, और समृद्धि का वास विनम्रता, कर्म और धर्म के साथ होता है.
सिनेमाघरों में रिलीज एनिमेटेड रिलीजियस फिल्म ‘Mahavatar Narsimha’ ने रचा इतिहास, 24 घंटे में नेटफ्लिक्स पर बनी नंबर 1
Mahavatar Narsimha Animated Film Success: 'महाअवतार नरसिंहा' ने सिनेमाघरों के बाद नेटफ्लिक्स पर भी धूम मचाई. 24 घंटे में नंबर 1 बनकर सैयारा को पीछे छोड़ा. देश की पहली एनिमेटेड धार्मिक फिल्म, जिसने 300 करोड़ कमाए.
सावन का पावन महीना! फिर भी शादियों पर क्यों है रोक? जानें इसकी धार्मिक वजह?
सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव का प्रिय महीना होता है. इस महीने में भक्त बड़ी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनसे खुशहाली की प्रार्थना करते हैं
Yogini Ekadashi 2025: 19 साल बाद योगिनी एकादशी पर बन रहा विशेष संयोग, जानिए हिंदु अनुयायियों के लिए इस दिन व्रत रखना क्यों जरूरी
सनातन धर्म में योगिनी एकादशी का व्रत बहुत खास माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है और बीमारियों के साथ ही पूर्व जन्म के पापों से भी मुक्ति मिलती है.





