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भानु सप्तमी पर ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ का महा-संयोग, शाम को ‘राहुकाल’ के समय शुभ कार्यों पर लगेगा ब्रेक; जानें नियम

Aaj Ka Panchang 7 June 2026: आज 7 जून 2026, दिन रविवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज विक्रम संवत 2083 के अंतर्गत अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो अगले दिन तड़के 03:24 बजे तक रहेगी. इसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा. रविवार का यह पावन दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है. आज के दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल में लाल चंदन और अर्घ्य देकर पूजा करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है, करियर की बाधाएं दूर होती हैं और अज्ञात भयों का नाश होता है.

पंचांग विवरण (Aaj Ka Panchang 7 June 2026)

आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है क्योंकि आज ‘अधिक भानु सप्तमी’ का पावन पर्व मनाया जा रहा है. रविवार के दिन पड़ने वाली सप्तमी तिथि को भानु सप्तमी कहा जाता है, जो सूर्य आराधना के लिए महामुहूर्त माना जाता है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं. दिन की शुरुआत मंगल के स्वामित्व वाले ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रभाव से हो रही है, जो व्यक्ति को साहसी, आत्मविश्वासी और संगीत प्रेमी बनाता है. सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज के चुनौतीपूर्ण योगों और शुभ मुहूर्तों का ज्ञान होना नितांत आवश्यक है.

तिथि और वार (Today’s Tithi and Day)

पंचांग के अनुसार, आज अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है जो अगले दिन तड़के 03:24 बजे तक मान्य रहेगी. रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना, सरकारी कामकाज और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कार्यों की शुरुआत करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है.

  • तिथि: कृष्ण सप्तमी (अगले दिन तड़के 03:24 बजे तक), फिर अष्टमी
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष (अधिक मास)
  • वार: रविवार

नक्षत्र और योग (Nakshatra and Yoga)

आज प्रातः 07:55 बजे तक ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव हैं. इसके बाद राहु के स्वामित्व वाले ‘शतभिषा नक्षत्र’ की शुरुआत हो जाएगी. योग की बात करें तो आज सुबह 10:02 बजे तक ‘वैधृति योग’ रहेगा, जिसके तुरंत बाद कष्टकारी ‘विष्कुम्भ योग’ लग जाएगा. इसके अतिरिक्त दोपहर तक भद्रा का साया भी बना रहेगा.

  • नक्षत्र: धनिष्ठा (प्रातः 07:55 बजे तक), फिर शतभिषा
  • योग: वैधृति योग (प्रातः 10:02 बजे तक), फिर विष्कुम्भ योग
  • करण: विष्टि / भद्रा (दोपहर 03:07 बजे तक)

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Position of Sun and Moon)

आज सूर्य नारायण वृषभ राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्र देव कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं. कुंभ राशि का चंद्रमा जातक को मजबूत इच्छाशक्ति वाला, गंभीर और कूटनीतिक मामलों में कुशल बनाता है.

  • सूर्य राशि: वृषभ
  • चंद्र राशि: कुंभ
  • सूर्योदय / सूर्यास्त: प्रातः 05:23 बजे / सायं 07:17 बजे
  • चंद्रोदय / चंद्रास्त: मध्यरात्रि 12:21 बजे (8 जून) / प्रातः 11:09 बजे

शुभ मुहूर्त (Today’s Shubh Muhurat)

किसी भी नए कार्य की शुरुआत, भानु सप्तमी की विशेष सूर्य पूजा या कोई आवश्यक अनुबंध करने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ का समय सबसे उत्तम और फलदायी रहेगा.

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 से दोपहर 12:48 तक
  • अमृत काल: अगले दिन तड़के (8 जून) 01:35 से तड़के 03:16 तक

राहुकाल और अशुभ समय (Rahukaal and Inauspicious Times)

सायं काल के समय ‘राहुकाल’ का प्रभाव रहेगा. राहुकाल के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य, धन का बड़ा लेन-देन या नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना सख्त वर्जित माना गया है. इसके अलावा दोपहर तक भद्रा (विष्टि करण) भी रहेगी, जिसमें शुभ कार्य टालने चाहिए.

  • राहुकाल: सायं 05:33 से सायं 07:17 तक (इस समय शुभ कार्य टालें)
  • गुलिक काल: दोपहर 03:49 से सायं 05:33 तक
  • यमगण्ड काल: दोपहर 12:20 से दोपहर 02:04 तक

आज के व्रत और त्यौहार (Today’s Fasts and Festivals)

आज ‘अधिक भानु सप्तमी’ का पावन व्रत व पर्व है. अधिक मास में भानु सप्तमी का आना एक अत्यंत दुर्लभ संयोग है. मान्यता है कि आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, सूर्य देव को अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. आज के दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है.

ये भी पढ़ें:भानु सप्तमी पर ‘द्विपुष्कर योग’ का महा-जाल! इन राशियों पर मंडराया ‘पंचक-भद्रा’ का संकट; कर्क-कुंभ की खुलेगी किस्मत, पढ़ें आज का राशिफल

आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 7 June 2026) पढ़ लिया है. अब धर्म, आध्यात्म से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें.

पंचांग का सार (Conclusion)

संक्षेप में, 7 जून 2026 का दिन ‘अधिक भानु सप्तमी’ के महापुण्य और ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रभाव से युक्त है, लेकिन ‘वैधृति योग’, ‘विष्कुम्भ योग’, ‘भद्रा’ और सायं काल के ‘राहुकाल’ के कारण आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी. कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या नया संकल्प केवल ‘अभिजीत मुहूर्त’ (दोपहर 11:52 से 12:48) में ही संपन्न करें. सुबह के समय सूर्य नारायण को जल अर्पित कर अपने दिन की शुरुआत करें, सभी विघ्न दूर होंगे.

Vaibhav Gupta

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