अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. तीव्र गति से चल रहे कार्यों के बीच यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मुख्य राम मंदिर का निर्माण जून 2025 तक और पूरा परिसर अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा.
राम मंदिर का गर्भगृह, जो 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर से युक्त है, लगभग पूरा हो चुका है. मंदिर का शिखर अष्टकोणीय नागर शैली में तैयार किया गया है, जो भगवान विष्णु के कमलासन स्वरूप की प्रतीकात्मकता को दर्शाता है. इस शिखर का निर्माण 2 अप्रैल को पूरा कर लिया गया और इसकी प्रतिष्ठा विधिपूर्वक की गई.
मंदिर के चारों ओर बनाए जा रहे परकोटे में श्री हनुमान, सूर्यदेव, गणेश, अन्नपूर्णा सहित 6 मंदिरों में शिखर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है. ट्रस्ट के अनुसार 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया तक इन सभी मंदिरों में मूर्तियों की स्थापना कर दी जाएगी.
राम मंदिर परिसर में सप्त ऋषियों— वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, और भारद्वाज—के मंदिर भी बनाए जा रहे हैं. इनकी मूर्तियों की स्थापना मई 2025 तक पूरी कर दी जाएगी. साथ ही शेषावतार मंदिर का निर्माण अगस्त 2025 तक समाप्त होने की संभावना है.
राम मंदिर को चारों ओर से घेरे परकोटा (चारदीवारी) का निर्माण भी तेजी से हो रहा है. यह परकोटा 8 लाख 20 हजार क्यूबिक फीट पत्थर से बनाया जा रहा है और इसके अक्टूबर 2025 तक तैयार होने की उम्मीद है.
राम मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में एक विशाल धर्मशाला का निर्माण भी किया जा रहा है. ट्रस्ट का अनुमान है कि यह धर्मशाला जून 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगी, जहां कम शुल्क पर रुकने की व्यवस्था होगी.
पूरा राम मंदिर परिसर 107 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें मुख्य मंदिर के अतिरिक्त 18 अन्य मंदिर भी बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंदिर तीन मंजिला है और इसमें 392 स्तंभ, 44 दरवाजे और 5 गुंबद हैं. मंदिर की कुल लंबाई 800 मीटर है और इसकी पहली मंजिल में भगवान राम का 20X20 वर्गफीट का गर्भगृह स्थापित है.
दूसरी मंजिल पर राम दरबार का दृश्य निर्मित किया गया है, जहां राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी. मंदिर के शीर्ष पर 45 फीट ऊंचा ध्वज स्तंभ लगाया जाएगा, जिस पर राम मंदिर की पताका लहराएगी.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर के निर्माण पर अब तक 2150 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. इसमें से 396 करोड़ रुपए सरकारी एजेंसियों को और 272 करोड़ रुपए GST के रूप में अदा किए गए हैं. वर्ष 2024 में समिति ने अनुमान लगाया था कि कुल लागत 1800 करोड़ रुपए के आसपास होगी, लेकिन निर्माण गति बढ़ने के कारण यह राशि बढ़ गई है.
राम मंदिर के मुख्य आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा हैं, जिन्हें हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. वे मंदिर स्थापत्य की 15वीं पीढ़ी से हैं. उनके दादा प्रभाशंकर सोमपुरा को भी सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए पद्मश्री मिला था.
चंद्रकांत सोमपुरा ने 1990 में पहली बार राम मंदिर का डिजाइन तैयार किया था, जिसे कुंभ मेले में संतों को दिखाकर स्वीकृति प्राप्त की गई थी. 2020 में कोर्ट के निर्णय के बाद उसी डिजाइन को कुछ बदलावों के साथ अंतिम रूप दिया गया.
राम मंदिर का निर्माण कार्य एल एंड टी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है. वहीं, टीसीएस, हैवेल्स और अन्य बड़ी कंपनियां प्रबंधन और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं. इस मंदिर को भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक स्मारकों में स्थान प्राप्त है—यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा लागत वाला स्मारक है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को देश और विदेश से भारी मात्रा में दान मिला है. अब तक ट्रस्ट को 3500 करोड़ रुपए से अधिक का दान प्राप्त हो चुका है. ये दान मुख्यतः आम जनता, श्रद्धालुओं, और राम भक्तों से मिला है, जो इस ऐतिहासिक मंदिर निर्माण में योगदान देना चाहते हैं.
मुख्य राम मंदिर के जून 2025 तक पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद अयोध्या धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा. अक्टूबर-नवंबर 2025 तक जब समस्त मंदिर, धर्मशाला और परिसर का कार्य पूर्ण होगा, तब यह मंदिर भारत की धार्मिक आस्था और वास्तुशिल्पीय चमत्कार का जीवंत उदाहरण बन जाएगा.
ये भी पढ़ें: महानवमी के दिन कन्या पूजन के साथ संपन्न होंगे चैत्र नवरात्र, जानिए नवरात्र के बाद कलश और जल का क्या करें
-भारत एक्सप्रेस
Delhi Gold Price Today: त्योहारों से पहले दिल्ली के बाजार में सोना-चांदी के दाम गिर…
Neha Jha Bail: समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन में 75 लीटर विदेशी शराब के साथ…
US China Trade Deal: अमेरिका और चीन ने वॉशिंगटन वार्ता के बाद 30 अरब डॉलर…
Ulhasnagar Kidnapping Case: महाराष्ट्र के ठाणे में एक कारोबारी के अपहरण और 50 लाख रुपये…
Kathua Police Bribery Video Viral: कठुआ जिले में ट्रक चालक से कथित तौर पर 100…
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय (एसपीएमसी) में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की…