मकर संक्रांति 2024 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Makar Sankranti 2023: ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस साल 14 जनवरी शनिवार के दिन सूर्यदेव रात में 8 बजकर 14 मिनट पर मकर राशि में अपना राशि परिवर्तन करेंगे. चूंकि सूर्यदेव रात्रि में मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए इस दौरान स्नान, दान, और अन्य धार्मिक कार्य संपन्न नहीं हो सकेंगे.
इन्हीं कारणों को देखते हुए 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाना सही नहीं माना जा रहा है. जानकारों के अनुसार उदिया तिथि के चलते 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान की परंपरा है. इसके अलावा इस दिन सूर्यदेव की पूजा से विशेष लाभ मिलता है.
ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति के 15 जनवरी को सुबह 07 बजकर 15 मिनट से लेकर इसी दिन शाम 05 बजकर 46 मिनट तक मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा.
भूलकर भी मकर संक्रांति के दिन ये काम न करें
ज्योतिष के अनुसार कुछ कार्य ऐसे हैं, जिसे आप गलती से भी इस दिन करते हैं तो सूर्यदेव के नाराज होने पर आपको पूरे साल परेशान होना पड़ेगा. आइए देखते हैं वे कौन से हैं काम, जिसे मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन किसी भी तरह के मांसाहार से परहेज करना चाहिए. इस दिन लहसुन प्याज के सेवन से भी दूर रहना चाहिए.
दरवाजे से न लौटे कोई खाली हाथ
मकर संक्रांति के दिन नहाने के बाद अन्न छूने की परंपरा के चलते इस दिन कई जरूरतमंद लोग घरों के चक्कर लगाते रहते हैं. ऐसे में सबको थोड़ा ही सही पर यही कोशिश रहनी चाहिए कि कोई भी आपके दरवाजे से खाली हाथ न लौटने पाए. इसके अलावा दरवाजे पर आए सभी का इज्जत-सत्कार करें.
पेड़ पौधे से जुड़ी है यह मान्यता
मकर संक्रांति के दिन किसी भी पेड़ पौधे की कटाई नहीं करना चाहिए. इसके अलावा इस दिन तुलसी दल तोड़ने से भी बचें. इसके अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं.
इस दिन खाने को लेकर बरतें यह सतर्कता
इस दिन स्नान के बाद ही मुंह में कोई भी खाने की वस्तु डालें. यहां तक की सुबह की चाय भी खाने के बाद पीना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन आस-पास अगर कोई पवित्र नदी होतो उसमें स्नान करें. मकर संक्रांति के दिन किसी भी तरह की नशीली चीज का उपयोग न करें. इससे घर में दरिद्रता का वास होता है. वहीं माना जाता है कि ऐसा करने पर पूरा साल ठीक नहीं जाता.
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