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Footwear Vastu Tips: जूते-चप्पल से कैसे बनता बिगड़ता है Luck, इस तरह के footwear से करें तौबा

Footwear vastu tips: बदलते दौर में आजकल व्यक्ति की कीमत का अंदाजा उसके पहनावे और जूते-चप्पलों से लगाया जाता है. इस कारण लोग तरह-तरह के आकार और प्रकार वाले फुटवियर पहनते हैं. लेकिन कभी-कभी इस कारण वे अनजाने मे दुर्भाग्य को आमंत्रण दे बैठते हैं.

आजकल के आधुनिक पहनावे वाले इन फुटवियर में कई रंगो का इस्तेमाल किया जाता है. माना जाता है कुछ रंग ऐसे हैं, जिन्हें पैरो से लगाने पर प्रतिकूल परिणाम मिलते हैं. इसके अलावा इनसे जुड़ी कुछ खास बातें भी हैं, जो जाने-अनजाने हमारी किस्मत को प्रभावित करती हैं. आइए जानते हैं, जूते चप्पलों के इस राज को.

पीले रंग के फुटवियर से करें तौबा

पीले रंग का संबंध देव गुरु बृहस्पति से है, इसलिए इस रंग के जूते चप्पल को पैरों के नीचे नहीं दबाना चाहिए. इससे पाप पड़ता है. कुंडली में भी कमजोर गुरु के होने पर इसका विपरीत असर पड़ता है. यहां तक की बच्चों के लिए भी इस फुटवियर को नहीं खरीदना चाहिए.

इसके खराब परिणाम के फलस्वरूप धन की लगातार हानि होती रहती है. वहीं संतान की सेहत पर भी असर पड़ सकता है. इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में खटास आ सकती है.

इस रंग के फुटवायर पहनें जा सकते हैं

ज्योतिष के अनुसार आप नीले, काले या फिर बैंगनी रंग के फुटवियर पहन सकते हैं. इसके अलावा कुछ क्षेत्रों से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकि लोग सफेद रंग के फुटवियर भी पहन सकते हैं.

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फुटवियर से जुड़ी इन बातों को लेकर भी रहें सतर्क

माना जाता है कि उपहार में मिले जूते और चप्पल कभी भी फलदाई नहीं होते. करियर में भी इन्हें लेकर नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफेद रंग के जूते नहीं पहनना चाहिए. यह उनकी धन हानि का कारक हो सकता है.

जो लोग किसी कार्यालय में काम करते हैं. चाहे वह सरकारी या प्राइवेट ही क्यों न हो उन्हे भूरे रंग के चप्पल पहनने से बचना चाहिए. इसके अशुभ फल मिल सकते हैं. माना जाता है कि इस तरह के जूते और चप्पल बार-बार नौकरी बदलने का कारण बनते हैं.

इसलिए हो सके तो ऑफिस के लिए किसी और कलर का चयन करें. इसके अलावा मुख्य द्वार या सीढ़ी के नीचे भी चप्पलों को रखना ठीक नहीं माना जाता. इनसे घर में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

Bharat Express Desk

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