आस्था

शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग के बारे में कितना जानते हैं आप, शक्ति और विष्णु शिवलिंग में क्या है अंतर?

Types of Shivling: सनातन धर्म में शिवलिंग की अपनी महिमा है. शिवलिंग को साक्षात आत्म रूप माना गया है. लिंग पुराण के अनुसार शिवलिंग के तीन मूल भाग हैं, जिनके मूल में ब्रह्मा, मध्य भाग में विष्णु और ऊपर के भाग में महादेव स्थित हैं. इसके साथ ही वेदी में महादेवी विराजती हैं. शिव पुराण के अनुसार 10 तरह के शिवलिंग बताए गए हैं. शिवलिंग को परम ब्रह्म तथा संसार की समस्त ऊर्जा का प्रतीक भी बताया गया है.

‘शिव’ एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ ‘कल्याणकारी’ या ‘उपकारी’ होता है. यजुर्वेद में शिव को शांतिदूत माना गया है. ‘शि’ का अर्थ है ‘पापों का नाश करने वाला’, जबकि ‘वा’ का अर्थ है ‘दाता’. संस्कृत में ‘लिंग’ का अर्थ है ‘चिन्ह’. मतलब ‘शिवलिंग’ का अर्थ है ‘प्रकृति के साथ एकीकृत शिव’, यानी ‘परम पुरुष का प्रतीक’.

जानें कितने प्रकार के होते है शिवलिंगस

वैसे शिवलिंग को सही अर्थ में समझा जाए तो शिव का अर्थ शुभ और लिंग का अर्थ ज्योति पिंड होता है. शिवलिंग ब्रह्मांड और उसकी समग्रता का प्रतिनिधित्व करता है. जो शिवलिंग स्वयं प्रगट हुए हैं, उन्हें स्वयंभू शिवलिंग कहते हैं. इसके साथ ही प्राचीन काल में मनुष्य द्वारा स्थापित शिवलिंग को पुराण शिवलिंग कहा गया है.

असुरों के द्वारा स्थापित शिवलिंग को असुर लिंग कहा गया है. वहीं, जिस शिवलिंग को देवताओं द्वारा स्थापित किया गया, उसे देव लिंग कहा गया है.

प्राचीन काल में अगस्त्य मुनि जैसे संतों द्वारा स्थापित शिवलिंग को अर्श शिवलिंग कहा गया. वहीं, प्राचीन काल या मध्य काल में ऐतिहासिक मनुष्यों, राजा-महाराजाओं या महापुरुषों द्वारा स्थापित शिवलिंग को मनुष्य शिवलिंग कहा गया है.

सामग्री और ऊंचाई के आधार पर अलग श्रेणियों में बांटे जाते है शिवलिंग

वैसे शास्त्रों में 5 प्रमुख प्रकार के शिवलिंग का जिक्र है, जिसमें पत्थर से बने शिवलिंग को शैलजा शिवलिंग, रत्नों से बने शिवलिंग को रत्नजा, धातु से बने शिवलिंग को धातुजा, लकड़ी से बने शिवलिंग को दारुजा, और मिट्टी से बने शिवलिंग को मृतिका शिवलिंग कहते हैं.

शिवपुराण के विश्वेश्वर संहिता के अनुसार शिवलिंग तीन प्रकार के बताए गए हैं, जिन्हें उत्तम, मध्यम और अधम कहा गया है. उत्तम शिवलिंग उसे कहते हैं जिसके नीचे वेदी बनी हो और वह वेदी से चार अंगुल ऊंचा हो. जो शिवलिंग वेदी से चार अंगुल से कम होता है, वह मध्यम कोटि का माना गया है, और जो इससे भी कम हो, वह अधम श्रेणी का माना गया है.

शिवलिंग के कौन से दो प्रकार होते हैं सबसे विशेष

अब आपको हम बताते हैं कि शिवलिंग के जो दो प्रकार विशेष हैं, वे हैं शक्ति शिवलिंग और विष्णु शिवलिंग. शक्ति शिवलिंग वह शिवलिंग है जो सीधे जमीन पर स्थित हो या जमीन से सटा हो और जिसके नीचे डमरू की आकृति नहीं हो. जो शिवलिंग डमरू की आकृति पर टिका है, वह विष्णु शिवलिंग है. ऐसे में शक्ति शिवलिंग की पूजा हमेशा बैठकर और विष्णु शिवलिंग की पूजा हमेशा खड़े होकर करनी चाहिए.

ज्योतिर्लिंग के बारे में जान लें कि यह भगवान शिव का स्वयंभू अवतार है. ज्योतिर्लिंग का अर्थ है भगवान शिव का ज्योति के रूप में प्रकट होना. ज्योतिर्लिंग मानव द्वारा निर्मित नहीं होते हैं बल्कि वे स्वयंभू होते हैं और उन्हें सृष्टि के कल्याण और गतिमान बनाए रखने के लिए स्थापित किए गए हैं. ज्योतिर्लिंग के बारे में मान्यता है कि इन जगहों पर भगवान शिव ने स्वयं दर्शन दिए हैं और वहां एक ज्योति के रूप में वह उत्पन्न हुए थे.

12 ज्योतिर्लिंगों का शिव पुराण में जिक्र है. ये 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जहां शिव स्वयं लिंग स्वरूप में प्रकट हुए. इनके नाम सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओमकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथजी, त्र्यम्बकेश्वर, केदारनाथ, और घृष्णेश्वर हैं.

शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी को ज्योतिर्लिंग या ज्योति पिंड कहा गया है. इसलिए सभी ज्योतिर्लिंग शक्ति शिवलिंग हैं. इनमें से नागेश्वर का ज्योतिर्लिंग अपवाद है.

ऐसे में जान लें कि शिवलिंग भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक होता है, जबकि ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के ज्योति स्वरूप का प्रतीक होता है.

ये भी पढ़ें- 26 जून का राशिफल: 3 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, इन राशियों पर मंडरा रहा है भारी संकट

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

दौड़ रहा है गंगा एक्सप्रेसवे! उन्नाव के एक रैंप को छोड़ कहीं जलभराव नहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर ने दी जानकारी

देश भर में जारी भारी और असामान्य मानसूनी बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह…

28 minutes ago

India’s First LNG Train Launch: अमित शाह दिखाएंगे हरी झंडी, जानिए क्या है इस डुअल-फ्यूल ट्रेन की खासियत

India First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब भारतीय रेलवे देश की पहली LNG-डीजल ट्रेन…

1 hour ago

सबक नहीं सीखा क्या… UNGA के मंच से रूस ने जर्मनी को क्यों याद दिलाया दूसरा विश्व युद्ध?

Russia Germany Clash: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में रूस और जर्मनी आमने-सामने आ गए हैं.…

2 hours ago

UP से लेकर छत्तीसगढ़ और बिहार तक…14 राज्यों में मचा हाहाकार, क्या है ये राक्षसी ‘Cyclone Arnab’?

Cyclone Arnab Kya Hai: बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम ‘अर्नब’ के असर से…

2 hours ago

UPSC Recruitment 2026: केंद्र सरकार में अफसर बनने का बड़ा मौका, 13 स्पेशलिस्ट पदों पर निकली भर्ती

UPSC Recruitment 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन में…

2 hours ago

UN में वीटो पावर दिलाने उतरे पुतिन! रूस ने ठोकी भारत की दावेदारी, क्यों कांप उठा PAk?

India UNSC Permanent Seat: रूस लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार और…

3 hours ago