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Mahishasura Mardini origin story: कौन था महिषासुर और क्यों 33 कोटि देवता भी उसका वध नहीं कर सके? जानिए श्रीमद्देवीभागवत व दुर्गा सप्तशती के आधार पर महिषासुर-मर्दिनी के प्राकट्य का पूरा विवरण.

Lord Hanuman Five Brothers Temple: भारत में महावीर हनुमान के छोटे-बड़े लाखों मंदिर हैं. हर मंदिर की अपनी अलग कहानी और मान्यताएं होती हैं. आज यहां हम आपको ऐसा मंदिर दिखा रहे हैं, जहां हनुमानजी के भाइयों की प्रतिमाएं हैं.

टीवी के चॉकलेट बॉय करण वाही अब अध्यात्म की राह पर हैं. पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि कैसे तुलसी की माला और मंत्रों के जाप ने उनके गुस्से को शांत किया और उनकी जिंदगी से नकारात्मकता को हमेशा के लिए दूर कर दिया.

नए साल की पहली सुबह देश भर के धार्मिक स्थलों पर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. अयोध्या से लेकर देवघर तक, भक्तों ने कड़ाके की ठंड के बीच लंबी कतारों में लगकर भगवान का आशीर्वाद लिया और वर्ष 2026 का स्वागत किया.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत 4 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. चंद्रमा को अर्घ्य देने और दान करने से विशेष लाभ मिलता है.

24 एकादशियों में सबसे शुभ माने जाने वाली देवउठनी एकादशी इस बार 1 नवंबर 2025, शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे, हालांकि, ज्‍योतिषियों का कहना है कि शनि का साया भी रहेगा, ऐसे में कुछ गलतियों से बचें!

Radha Ashtami Vrat 2025: राधा अष्टमी व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस साल राधा अष्टमी 31 अगस्त 2025, रविवार के दिन मनाई जाएगी. इस दिन आधे दिन का व्रत किया जाता है. आइये जानें क्यों?

उज्जैन स्थित नागचंदेश्वर मंदिर साल में सिर्फ नाग पंचमी पर ही खुलता है. इस दिन हजारों श्रद्धालु काल सर्प दोष से मुक्ति पाने की कामना लेकर यहां दर्शन करने आते हैं. यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है.

24 जुलाई 2025 को गुरुवार के दिन पड़ रही हरियाली अमावस्या भक्ति, तर्पण और प्रकृति पूजन का अद्भुत संगम है. इस दिन भगवान शिव की पूजा, पितरों का तर्पण और छायादार वृक्षों का रोपण अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है.

सावन 2025 में रुद्राभिषेक से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि पूजा कब करनी है और राहुकाल जैसे समयों से क्यों बचना चाहिए.