Ujjain Rangpanchami 2025: देशभर में होली का त्योहार जहां रंगों की बौछार के साथ मनाया जाता है, वहीं उज्जैन और मालवा अंचल में रंगपंचमी का पर्व एक अनूठे अंदाज में अपनी छाप छोड़ता है. बुधवार, 19 अप्रैल 2025 को रंगपंचमी के मौके पर उज्जैन की सड़कों और चौराहों पर सुबह से ही उत्साह और उमंग का रंग चढ़ा नजर आया.
कहीं कढ़ाव में रंगीन डुबकियों का दौर चला, तो कहीं हंसी-ठिठोली की अनोखी शव यात्रा ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया. यह दिन शहरवासियों के लिए खुशी, मस्ती और परंपरा का संगम बन गया.
शहर के प्रमुख स्थल देवासगेट चौराहे पर कढ़ाव होली का आयोजन हुआ, जो रंगपंचमी की सबसे चर्चित परंपराओं में से एक है. यहां एक विशाल कढ़ाव में रंगीन पानी भरा गया, और लोग एक-दूसरे को उठाकर उसमें डुबकी लगाते दिखे. हंसी-खुशी और शोर-शराबे के बीच यह नजारा ऐसा था कि हर कोई इस उत्सव का हिस्सा बनने को आतुर था. बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर होकर इस परंपरा को जीवंत करते नजर आए.
वहीं, शहीद पार्क में रंगों की बौछार का भव्य आयोजन हुआ. यहां हजारों की संख्या में युवा जुटे और रंग-गुलाल की बारिश में डूब गए. संगीत की धुनों पर थिरकते हुए युवाओं ने इस पर्व को एक यादगार उत्सव में बदल दिया. आसमान में उड़ते रंग और चारों ओर फैली खुशहाली ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया. यहाँ का जोश इस बात का सबूत था कि रंगपंचमी उज्जैन के लिए कितना खास है.
रंगपंचमी के इस उत्सव में एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला, जो अनोखा होने के साथ-साथ बेहद मजेदार था. कुछ युवाओं ने हंसी-ठिठोली के मूड में एक नकली शव यात्रा निकालने का फैसला किया. इसके लिए मृत्यु सैया सजाई गई और एक युवक को उस पर लेटाया गया.
ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ चार युवकों ने सैया को कंधों पर उठाया और शहर की गलियों में निकल पड़े. दूर से देखने पर यह किसी वास्तविक शव यात्रा जैसी लग रही थी, लेकिन नजदीक आने पर यह हंसी का ठिकाना बन गई. सैया पर लेटा “शव” अचानक हंसते हुए उठ बैठा, और यह देखकर आसपास खड़े लोग अपनी हंसी नहीं रोक सके. हर गली-चौराहे से गुजरती यह शव यात्रा लोगों के लिए मनोरंजन और आश्चर्य का केंद्र बन गई.
उज्जैन में रंगपंचमी का यह उत्साह मालवा अंचल की सांस्कृतिक समृद्धि और रचनात्मकता को दर्शाता है. यहां की परंपराएँ, जैसे कढ़ाव होली और इस तरह के मजेदार आयोजन, इस पर्व को होली से भी बढ़कर बनाते हैं. यह उत्सव न केवल शहरवासियों को एकजुट करता है, बल्कि उनकी खुशहाली और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी उजागर करता है.
इस अनोखे आयोजन को देखने वाले शहरवासियों का कहना था कि रंगपंचमी का यह रंग उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा. एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हर साल हम रंग खेलते हैं, लेकिन इस बार की शव यात्रा ने हंसी का ऐसा माहौल बनाया कि हम इसे कभी नहीं भूलेंगे.” वहीं, युवाओं का कहना था कि यह पर्व उनके लिए दोस्तों के साथ मस्ती और मौज का सबसे अच्छा अवसर है.
रंगपंचमी का यह उत्सव उज्जैन की जीवंतता और लोगों के जोश को बखूबी सामने लाता है. कढ़ाव में डुबकियों से लेकर हंसी की शव यात्रा तक, शहर ने इस पर्व को पूरे उत्साह और अनोखे अंदाज में मनाया.
संवाददाता: मनोज भटनागर
लोकेशन: उज्जैन
-भारत एक्सप्रेस
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