ट्रेंडिंग

जानें क्यों होता है प्रोस्टेट कैंसर और क्या हैं इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कारक?

Prostate Cancer: कैंसर एक ऐसी बीमारी है कि अगर समय रहते नहीं चेते तो ये मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर देती है. इसलिए चिकित्सक इसके प्रति हमेशा सचेत रहने की सलाह देते हैं. यहां बात कर रहे हैं प्रोस्टेट कैंसर की. प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर है. ये कैंसर तब होता है जब असामान्य कोशिकाएं विभाजित होने लगती हैं और अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं. कोशिकाएं आस-पास के ऊतकों या अंगों में विकसित हो सकती हैं, और शरीर के अन्य क्षेत्रों में फैल सकती हैं.

प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है. जानकारों की मानें तो पुरुषों की उम्र के बढ़ने पर, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. इससे पेशाब करने में कठिनाई, बार-बार और तत्काल पेशाब करने की ज़रूरत और पेशाब में खून जैसी समस्याएँ, आमतौर पर कैंसर के बढ़ जाने के बाद ही आती हैं. यह कैंसर आमतौर पर हड्डियों और लसीका ग्रंथि में फैल सकता है. प्रोस्टेट कैंसर प्रोस्टेट में होने वाला कैंसर है. प्रोस्टेट पुरुषों में अखरोट के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है जो वीर्य द्रव का उत्पादन करती है जो शुक्राणुओं को पोषण और परिवहन प्रदान करता है.

जानकारों की मानें तो प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम प्रकार के कैंसर में से एक है. कई प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और प्रोस्टेट ग्रंथि तक ही सीमित रहते हैं, जहाँ वे गंभीर नुकसान नहीं पहुँचा सकते हैं. जबकि कुछ प्रकार के प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और उन्हें कम से कम या बिना किसी उपचार की आवश्यकता हो सकती है, अन्य प्रकार आक्रामक होते हैं और तेज़ी से फैल सकते हैं. चिकित्सकों का कहना है कि अगर प्रोस्टेट कैंसर का यदि समय रहते पता चल जाए जब यह प्रोस्टेट ग्रंथि तक ही सीमित हो तो इसके सफल उपचार की संभावना सबसे अधिक होती है.

इस तरह कम किया जा सकता है इसका खतरा

फलों और सब्जियों से भरपूर स्वस्थ आहार को जीवन में अपनाएं. विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज खाएं. फलों और सब्जियों में कई विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो आपके स्वास्थ्य में योगदान दे सकते हैं. माना जाता है कि विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों के साथ स्वस्थ आहार खाने से आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है. इसी के साथ ही सप्लीमेंट्स की जगह स्वस्थ खाद्य पदार्थ को ही अपनाएं. किसी भी अध्ययन ने यह नहीं दिखाया है कि सप्लीमेंट्स प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करने में कोई भूमिका निभाते हैं. इसके बजाय, ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जो विटामिन और खनिजों से भरपूर हों ताकि आप अपने शरीर में विटामिन के स्वस्थ स्तर को बनाए रख सकें. इसी के साथ ही अगर इसके बारे में जरा भी कोई लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें.

जानें क्या हैं इसके लक्षण

प्रोस्टेट कैंसर के प्रारंभिक चरण में कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखाई देते. तो वहीं जब ये बढ़ जाता है तो नीचे दिए गए लक्षण सामने आ सकते हैं-
मूत्र में रक्त आना.
हड्डी में दर्द.
पेशाब करने में परेशानी.
बिना प्रयास किये वजन कम होना
स्तंभन दोष.
वीर्य में रक्त आना.

जानें कब दिखाना चाहिए डॉक्टर को

अगर इसी तरह के लक्षण लगातार दिखाई दें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें. डॉक्टरों को पता है कि प्रोस्टेट कैंसर तब शुरू होता है जब प्रोस्टेट में कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन होता है. कोशिका के डीएनए में निर्देश होते हैं जो कोशिका को बताते हैं कि क्या करना है. ये परिवर्तन कोशिकाओं को सामान्य कोशिकाओं की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ने और विभाजित होने के लिए कहते हैं. असामान्य कोशिकाएँ तब भी जीवित रहती हैं, जब अन्य कोशिकाएँ मर जाती हैं. जानकार बताते हैं कि जमा होने वाली असामान्य कोशिकाएँ ट्यूमर का निर्माण करती हैं जो बढ़कर आस-पास के ऊतकों पर आक्रमण कर सकती हैं. समय के साथ, कुछ असामान्य कोशिकाएँ टूटकर शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं (मेटास्टेसाइज़).

प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले ये हैं कारक

यह 50 वर्ष की आयु के बाद सबसे आम है. इससे सम्बंधित रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. इसी के साथ ही मोटे लोगों में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम स्वस्थ वजन वाले लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है, हालांकि अध्ययनों के परिणाम मिश्रित रहे हैं. मोटे लोगों में, कैंसर के अधिक आक्रामक होने और प्रारंभिक उपचार के बाद वापस आने की संभावना अधिक होती है.

अश्वेत लोगों में प्रोस्टेट कैंसर के आक्रामक या उन्नत होने की संभावना भी अधिक होती है. इसी के साथ ही अगर किसी रक्त संबंधी, जैसे कि माता-पिता, भाई-बहन या बच्चे को प्रोस्टेट कैंसर का पता चला है, तो आपका जोखिम बढ़ सकता है. माना जाता है कि अगर आपके परिवार में ऐसे जीन का इतिहास है जो स्तन कैंसर ( BRCA1 या BRCA2 ) के जोखिम को बढ़ाते हैं या स्तन कैंसर का बहुत मजबूत पारिवारिक इतिहास है, तो प्रोस्टेट कैंसर का आपका जोखिम अधिक हो सकता है.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

Recent Posts

युजवेंद्र चहल के अचानक संन्यास से क्रिकेट जगत हैरान, जानिए क्यों लिया रेड-बॉल छोड़ने का फैसला?

Yuzvendra Chahal Retirement: टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट…

14 minutes ago

‘वीजा है तो क्या हुआ, भारत में एंट्री का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं!’ दिल्ली हाई कोर्ट का विदेशी नागरिकों पर बड़ा झटका

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमेनिस्तान की महिला की याचिका खारिज करते हुए…

43 minutes ago

‘ईश्वर अल्लाह तेरो नाम!’ नंगे पैर, हाथ में लाठी… दंगों की आग के बीच अकेले कैसे लड़े बापू? पढ़िए अनकही दास्तान

Pushpamitra Book Review: 'गांधी का सैंतालीस' केवल इतिहास का रोजनामा नहीं, बल्कि बंटवारे की त्रासदी…

1 hour ago

बाउंड्री पर बैठे थे, अचानक दौड़े और लगा दी छलांग; प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का CCTV आया सामने

Premanand Maharaj Disciple Death: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी…

1 hour ago

‘मां से बहस की ऐसी सजा?’ लखनऊ के विजन अपार्टमेंट में कलियुगी बेटे का खूनी खेल, वजह जान कांप जाएगी रूह

Lucknow News: लखनऊ के विजन अपार्टमेंट में मामूली विवाद के बाद 17 वर्षीय नाबालिग बेटे…

1 hour ago

त्योहारों पर घर जाने वालों के लिए रेलवे की तैयारी, चलेंगी सात जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; प्लेटफॉर्म टिकट होगा दोगुना

दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रांची रेल मंडल सात…

2 hours ago