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सफर के दौरान ट्रेन में चोरी हुआ सामान? अब रेलवे को चुकाना होगा भारी जुर्माना, कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला

Train Luggage Theft: अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान अपना कीमती सामान या बैग सीट पर रखकर निश्चिंत हो जाते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. ट्रेन में चोरी होना वैसे तो आम बात मानी जाती है, लेकिन अगर रेलवे की लापरवाही सामने आए तो कोर्ट यात्रियों का साथ भी जोरदार तरीके से देता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां राजधानी एक्सप्रेस में एक महिला का बैग चोरी हो गया और अब कंज्यूमर कोर्ट ने रेलवे को तगड़ा झटका देते हुए पीड़ित परिवार को 80 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.

क्या था पूरा मामला?

यह घटना 14 दिसंबर 2021 की है. एक परिवार राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12423) के थर्ड एसी कोच में बैठकर सफर कर रहा था. सफर के दौरान अचानक महिला का हैंडबैग चोरी हो गया. उस बैग में करीब डेढ़ तोला सोने का मंगलसूत्र, पांच हजार रुपये नकद और बैंक की ओरिजिनल पासबुक रखी हुई थी. जब ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पहुंची तब परिवार को बैग गायब होने का अहसास हुआ.

कोच अटेंडेंट गायब और टीटीई को दी सूचना

बैग चोरी होने के बाद परिवार ने फौरन कोच अटेंडेंट को ढूंढने की कोशिश की लेकिन वो अपनी सीट से नदारद था. इसके बाद यात्रियों ने तुरंत टीटीई और ट्रेन में मौजूद आरपीएफ को इस घटना की पूरी जानकारी दी. दिल्ली पहुंचने के बाद इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई. हालांकि रेलवे ने अपनी सफाई में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि स्टेशन मास्टर को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई थी, इसलिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती.

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कंज्यूमर कोर्ट ने रेलवे को ठहराया दोषी

पठानकोट कंज्यूमर कोर्ट ने रेलवे की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि जब रेलवे खुद यह मान चुका है कि आरपीएफ को शिकायत दी गई थी, तो यह बहाना नहीं चलेगा कि प्रशासन को पता नहीं था. इसके अलावा रेलवे यह भी साबित नहीं कर पाया कि घटना के वक्त कोच अटेंडेंट अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद था या नहीं क्योंकि वे इसका कोई रोस्टर रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके.

कोर्ट ने यह माना कि भले ही अनबुक्ड सामान की चोरी के लिए रेलवे सीधे तौर पर जिम्मेदार न हो, लेकिन यहां स्टाफ की भारी लापरवाही और अटेंडेंट का ड्यूटी से गायब रहना साफ तौर पर ‘सेवा में कमी’ को दिखाता है. इसी लापरवाही के चलते कोर्ट ने रेलवे को दोषी मानते हुए पीड़ित परिवार को 80,000 रुपये का मुआवजा देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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