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सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया ‘तुअर दाल खरीद पोर्टल’, अब किसानों को होगा बंपर मुनाफा

Tur Dal Procurement Portal: देश के गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को ‘तुअर दाल खरीद पोर्टल’ लॉन्च किया है. यह किसानों को तुअर दाल बेचने के लिए खुद को रजिस्टर्ड करने और सीधे अपने बैंक खातों में भुगतान प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा.यह बहुभाषी पोर्टल महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक और झारखंड में तुअर दाल उत्पादकों के लिए पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा, जिससे पंजीकरण, खरीद और भुगतान प्रक्रिया सरल हो जाएगी.

दाल उत्पादकों को सशक्त बनाना है पोर्टल का उद्देश्य

बता दें कि इस पोर्टल को राजधानी में ‘दालों में आत्मनिर्भरता’ विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में लॉन्च किया गया है.वर्तमान में, सरकार बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए नेफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों के माध्यम से तुअर दाल सहित विभिन्न प्रकार की दालों की खरीद करती है.एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “इस किसान-केंद्रित पहल का उद्देश्य खरीद और NAFED और NCCF द्वारा सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से तुअर दाल उत्पादकों को बेहतर कीमतों के साथ सशक्त बनाना है, जिससे घरेलू दालों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात निर्भरता कम होगी.”

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बफर स्टॉक के लिए खरीदी जाएंगी दालें

इस पहल के तहत, पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से बफर स्टॉक के लिए दालें खरीदी जाएंगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या बाजार मूल्य, जो भी अधिक हो, का भुगतान किया जाएगा. सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, खरीदारी और भुगतान की प्रक्रिया एक ही माध्यम पर उपलब्ध होगी. किसान सीधे या प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं. इसमें कहा गया है कि किसानों को भुगतान NAFED द्वारा सीधे उनके मैप किए गए बैंक खाते में किया जाएगा और इसमें कोई एजेंसी शामिल नहीं होगी.

मंत्रालय ने कहा, “पूरी प्रक्रिया किसान केंद्रित है जिसमें किसान खुद पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं.” पोर्टल का लक्ष्य किसानों से सीधे बफर स्टॉक का 80 प्रतिशत खरीदकर आयात पर निर्भरता कम करना है. इसमें कहा गया है कि इससे न केवल खाद्य उत्पादन सुरक्षित होगा बल्कि देश की भविष्य की खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. इसमें कहा गया है कि पोर्टल किसानों, NAFED और संबंधित सरकारी विभागों को जोड़ेगा और बेहतर पहुंच के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा.

-भारत एक्सप्रेस

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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