Indian Passport Fact: आपको अगर विदेश यात्रा पर जाना है तो सबसे पहले पासपोर्ट और फिर उस देश के वीजा की जरूरत होती है. पासपोर्ट विदेश में आपके भारतीय नागरिक होने की पहचान होता है. इंडियन पासपोर्ट को दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट्स में से एक माना जाता है. भारतीय पासपोर्ट की ताकत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि भारत के नागरिक दुनिया के पांच दर्जन देशों की यात्रा बिना वीजा के कर सकते हैं. वहीं, कुछ देशों में भारतीयों के लिए वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी दी जाती है. भारत सरकार नीला, मरुन, सफेद और नारंगी रंग के पासपोर्ट जारी करती है. तो आइए जानते हैं कि किस रंग का पासपोर्ट किसके लिए जारी किया जाता है और उस पर क्या सुविधाएं मिलती हैं?
आम भारतीय नागरिकों के लिए नीले रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है. आम भारतीयों को सरकारी अधिकारियों और राजनयिकों से अलग रखने के लिए भारत सरकार ने पासपोर्ट के रंगों में अंतर रखा है. इससे कस्टम ऑफिसर्स और दूसरे देश में पासपोर्ट चेक करने वाले अधिकारियों को आसानी होती है. इस पासपोर्ट में धारक का नाम, बर्थडेट, बर्थप्लेस लिखा होता है. इसके अलावा इसमें धारक की तस्वीर, हस्ताक्षर और उससे जुड़ी दूसरी जानकारियां होती है. पासपोर्ट को आईडेंटिटी का सबसे पुख्ता दस्तावेज माना जाता है. पासपोर्ट जारी होने के बाद भारतीय नागरिक उस पर किसी भी देश का वीजा लगवाकर यात्रा कर सकते है.
भारत सरकार नारंगी रंग का पासपोर्ट उन भारतीय नागरिकों के लिए जारी करती है, जो सिर्फ 10वीं तक ही पढ़े हों. ये पासपोर्ट ज्यादातर उन भारतीयों के लिए जारी किया जाता है, जो विदेश में माइग्रेंट लेबरर के तौर पर काम करने के लिए जाते हैं. नारंगी पासपोर्ट धारक को दिशानिर्देश समझने के लिए किसी की मदद की दरकार होती है. नारंगी पासपोर्ट पर भी धारक के बारे में फोटो समेत पूरी जानकारी दर्ज की जाती है.
ये भी पढ़ें:गोरखपुर पहुंचे पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने किया स्वागत
सरकारी कामकाज से विदेश यात्रा करने वाले अधिकारियों के लिए सफेद पासपोर्ट जारी किया जाता है. ये पासपोर्ट सरकारी अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है. कस्टम चेकिंग के समय उनके साथ सरकारी अधिकारियों के जैसा बर्ताव किया जाता है. सफेद पासपोर्ट के लिए आवेदक को अलग से एक ऐप्लीकेशन देनी पड़ती है. इसमें उसे बताना पड़ता है कि उसे इस पासपोर्ट की जरूरत क्यों है? सफेद पासपोर्ट रखने वालों को अलग से कई सुविधाएं मिलती हैं.
इंडियन डिप्लोमैट्स और सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशियल्स के लिए मरून पासपोर्ट जारी किया जाता है. इस कैटेगरी में इंडियन डिप्लोमैट्स और आईपीएस व आईएएस रैंक के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इस पासपोर्ट का धारक विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करता है. इसका रंग इसे अतिविशिष्ट बना देता है. इस पासपोर्ट के धारक को विदेश में एम्बेसी से लेकर यात्रा के दौरान कई अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं. सबसे खास बात है कि मरून पासपोर्ट के धारक को दूसरे देशों में जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है. यही नहीं, इमिग्रेशन भी सामान्य लोगों की तुलना में तेजी और आसानी से होता है. विदेश में इस पासपोर्ट के धारक के खिलाफ केस दर्ज करना भी आसान नहीं होता है.
-भारत एक्सप्रेस
Weather Today: IMD ने 21 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं…
गुजरात से शुरू हुआ बालाजी वेफ़र्स आज भारतीय स्नैक्स मार्केट में लेज़ जैसे ग्लोबल ब्रांड…
21 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 8:02 बजे तक रहेगी,…
21 सितंबर 2026, सोमवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और शोभन योग का प्रभाव कई राशियों के…
Clean Drinking Water At Railway Stations: यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के…
दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) ने चांदनी चौक स्थित 160 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन…