Cyber Fraud
साइबर अपराधों को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने बड़ा कदम उठाते हुए दूरसंचार ऑपरेटरों को साइबर अपराधों से कथित संबंध के लिए 28,200 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक करने का आदेश दिया है. वहीं एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दूरसंचार ऑपरेटरों को 20 लाख मोबाइल कनेक्शनों का तत्काल वेरीफाई करने का भी निर्देश दिया गया है. आपको बता दें कि इस काम को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ( DoT ), मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स और राज्य पुलिस एक साथ मिलकर कर रही है. दरअसल सरकार साइबर क्राइम और फाइनेशियल फ्रॉड में गलत तरीके से इस्तेमाल होने वाले टेलिकॉम रिसोर्स पर रोक लगाना चाहती है. इस पार्टनरशिप की मदद से साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को तोड़ना है, साथ ही डिजिटल दुनिया से होने वाले खतरे को रोकना है.
खबरों के मुताबिक मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स और राज्य पुलिस ने मिलकर इस बाच का खुलासा किया है कि 28,200 मोबाइल यूनिट्स का साइबर फ्रॉड में मिस यूज किया गया है. DoT ने एनालाइज किया और आगे बताया कि 20 लाख नंबर का इन हैंडसेट में इस्तेमाल किया जा चुका है. इसके बाद DoT ने पूरे भारत के टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर को 28,200 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक करने का आदेश जारी कर दिया है. इसी के साथ तुरंत 20 लाख मोबाइल कनेक्शन का रिवेरिफिकेशन करने के लिए कहा गया है.
आपको बता दें कि इससे पहले मार्च 2024 में केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव एक डिजिटल इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) को पेश किया था, जो अलग-अलग स्टेक होल्डर्स के बीच में कॉर्डिनेशन के काम करता है. इसमें सरकार, फाइनेशियल संस्था जैसे बैंक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य फाइनेशियल फ्रॉड और साइबर क्राइम में टेलीकॉम रिसोर्स का गलत तरीके से यूज करने पर रोक लगाना चाहती है.
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विभाग ने दूरसंचार धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए दो महीने पहले ‘चक्षु’ प्लेटफार्म पेश किया था. इस पोर्टल के लॉन्च होने के बाद से संदिग्ध एसएमएस भेजने में लिप्त 52 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट में डाला जा चुका है जबकि देशभर में 348 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक किया गया और 10,834 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को दोबारा सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया.
इसके अलावा, दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी या नकली या जाली दस्तावेज पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन में शामिल होने के कारण 1.58 लाख यूनिक मोबाइल डिवाइस पहचान संख्या आईएमईआई को ब्लॉक किया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 30 अप्रैल तक विभाग ने 1.66 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काटे, जिनमें से 30.14 लाख उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर और 53.78 लाख नए सिम कार्ड खरीदने की व्यक्तिगत सीमा पार करने के कारण काटे गए.
-भारत एक्सप्रेस
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