Ram Mandir donation theft: अयोध्या में रामलला के खजाने की चोरी के मामले में रोज नए और ‘विस्फोटक’ खुलासे हो रहे हैं. अब जो सच सामने आया है, उसने पूरे देश के रामभक्तों को हिला कर रख दिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह चोरी कोई एक-दो दिन का काम नहीं था, बल्कि इसकी पटकथा महीनों पहले लिखी जा चुकी थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भारतीय स्टेट बैंक ने 3 महीने पहले ही इस लूट की चेतावनी दे दी थी, लेकिन ट्रस्ट के कुछ लोगों ने अपने ‘करीबियों’ को बचाने के लिए इस पर पर्दा डाल दिया.
पुलिस की भूमिका भी इस मामले में गहरे सवालों के घेरे में आ गई है. कहा गया कि 7 जून को इस चोरी का भंडाफोड़ हुआ, लेकिन एक CCTV फुटेज ने पुलिस की पोल खोल दी है. 5 जून को ही अयोध्या पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर गुपचुप तरीके से छापेमारी कर उसे उठा लिया था.
सवाल यह है कि जब ट्रस्ट ने कोई औपचारिक शिकायत ही नहीं की थी, तो पुलिस क्या कर रही थी? बाद में ट्रस्ट ने बिना किसी सरकारी प्रोटोकॉल के, प्राइवेट कारों और प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की मदद से रुपयों की बरामदगी कराई, जो पूरी प्रक्रिया को बेहद संदिग्ध बनाता है.
सूत्रों के मुताबिक, बैंक (SBI) को 3 महीने पहले ही इस दान चोरी की भनक लग गई थी. बैंक ने आउटसोर्सिंग कंपनी से इन दागी गणनाकर्मियों को हटाने की सख्त सिफारिश भी कर दी थी. लेकिन, यहां एंट्री होती है ‘सिस्टम की पहुंच’ की! अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश शुक्ला जैसे ये सभी गणना कर्मचारी ट्रस्ट के पदाधिकारियों के ‘बेहद करीबी और रिश्तेदार’ थे. तनख्वाह बैंक देता था, लेकिन ये आदमी ट्रस्ट के थे. यही वजह थी कि अपनी नौकरी पक्की मान चुके इन कर्मचारियों ने दान की रकम पार करने का खौफनाक खेल बेखौफ होकर जारी रखा.
इतनी बड़ी चोरी बिना अंदरूनी मदद के संभव ही नहीं थी. SIT की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस खेल में 2 बैंककर्मी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप भी पूरी तरह से शामिल हैं. पुलिस को इन दोनों के खिलाफ पुख्ता और खूंखार सबूत मिले हैं और जल्द ही इन पर हथकड़ी कसना तय है.
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रामलला के दरबार में हुई इस ‘महा-लूट’ की जड़ें बहुत गहरी हैं. अब जांच की आंच सिर्फ चोरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन बड़े अधिकारियों और ट्रस्ट के कर्मचारियों तक भी पहुंचेगी, जिन्होंने इन ‘पापियों’ को नौकरी दिलाई थी. अब देखना यह है कि SIT की पूछताछ में और कितने सफेदपोश चेहरों से नकाब उतरता है.
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