Acharya Satyendra Das News: अयोध्या में श्री राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत अचानक बिगड़ने से चिंताएं बढ़ गई हैं. उन्हें सांस लेने में कठिनाई महसूस होने के बाद उन्हें तुरंत श्री राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि आचार्य सत्येंद्र दास को ब्रेन हेमरेज हुआ है और यह कई सेगमेंट्स में फैला हुआ है. इसके बाद, उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर और फिर पीजीआई रेफर किया गया.
अयोध्या सिटी के न्यूरो सर्जन डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आचार्य सत्येंद्र दास की हालत अभी नाजुक है और उनका उपचार जारी है. सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई है, जिसके कारण उनका इलाज अब लखनऊ में जारी है. चिकित्सकों के अनुसार, आचार्य दास को डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.
1992 से रामलला के मुख्य पुजारी हैं आचार्य सत्येंद्र
बताते चलें कि आचार्य सत्येंद्र दास ने राम मंदिर निर्माण के आरंभ से ही मुख्य पुजारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई है. वे राम जन्मभूमि परिसर में पूजा अर्चना करने वाले प्रमुख पुजारी रहे हैं. वे अब करीब 84 वर्ष के हो चुके हैं, और इस आयु तक उन्होंने लगातार सेवा दी है. वे राम मंदिर में प्रमुख और सम्मानित पुजारी हैं, जिन्होंने 1992 में बाबरी विध्वंस के समय रामलला की पूजा शुरू की थी.
आचार्य सत्येंद्र दास का धार्मिक सफर प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने 1975 में संस्कृत विद्यालय से आचार्य की डिग्री प्राप्त की थी और फिर 1976 में अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में व्याकरण विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में कार्य किया. बाद में, बाबरी ढांचा विध्वंस के बाद उन्हें राम मंदिर में पुजारी के तौर पर नियुक्त किया गया. उन्होंने हमेशा कहा कि भगवान सबके हैं और उनकी पूजा किसी एक पार्टी से नहीं जुड़ी होती.
आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत बिगड़ने के बाद राम मंदिर प्रशासन और उनके भक्तों में चिंता का माहौल है. आचार्य सत्येंद्र लंबे समय से रामलला की पूजा अर्चना में लगे हुए थे और मंदिर के प्रशासनिक कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनके साथ काम करने वाले सहायक पुजारी प्रदीप दास ने भी इस बारे में जानकारी दी और कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन अब वे लखनऊ में इलाज करा रहे हैं.
श्री राम जन्मभूमि से जुड़ा आचार्य सत्येंद्र दास का नाम राम भक्तों के लिए एक सशक्त धार्मिक प्रतीक है, और उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है.
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