उत्तर प्रदेश

बागपत में मकान निर्माण के दौरान बड़ा हादसा; लिंटर गिरने से मलबे में दबा परिवार, जवान बेटे और दो मवेशियों की दर्दनाक मौत

Baghpat News/Kuldeep Pandit: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के बड़का रोड पर एक निर्माणाधीन मकान में लिंटर डालते समय बड़ा हादसा हो गया. इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक के 20 साल के जवान बेटे वसीम की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. इस हादसे ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया, बल्कि बेजुबान मवेशियों को भी अपनी चपेट में ले लिया.

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के मुताबिक, बड़का रोड निवासी इशाक के घर में निर्माण कार्य चल रहा था. शनिवार देर रात घर की छत पर लिंटर डालने का काम बड़े जोर-शोर से जारी था. परिवार के सदस्य और मिस्त्री-मजदूर इस उम्मीद में काम में जुटे थे कि जल्द ही सिर पर पक्की छत होगी. लिंटर आधे से ज्यादा डल चुका था, लेकिन तभी अचानक अनहोनी हो गई.

जैसे-जैसे कंक्रीट का वजन बढ़ा, नीचे लगी लकड़ी की पुरानी बल्लियां उस भार को सह नहीं पाईं. अचानक एक बल्ली के टूटने से पूरी सेटरिंग ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे आ गिरी. लोहे के गाटर, सरिया और गीला सीमेंट सब कुछ एक साथ नीचे खड़े लोगों और मवेशियों पर जा गिरा.

वसीम की मौके पर ही मौत

जब यह हादसा हुआ, तो वहां चीख-पुकार मच गई. इशाक का 20 वर्षीय बेटा वसीम और एक अन्य युवक मलबे के नीचे बुरी तरह फंस गए थे. शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी. स्थानीय लोगों और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन वसीम के लिए काफी देर हो चुकी थी. मलबे के भारी वजन और दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई. दूसरे घायल युवक को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.

ये भी पढ़ें- 10 टीमें, 48 घंटे और भारी दबाव; कपसाड़ कांड मामले में मेरठ पुलिस ने अपहरणकर्ता को दबोचा, युवती सुरक्षित बरामद

बेजुबान मवेशियों पर भी टूटा कहर

हादसे के वक्त लिंटर के नीचे इशाक के मवेशी भी बंधे हुए थे. भारी भरकम मलबे की चपेट में आने से दो मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी के बीच जेसीबी मशीन को बुलाना पड़ा. भारी भरकम गाटर और सरियों को हटाने के बाद मवेशियों को बाहर निकाला जा सका.

लापरवाही या बदकिस्मती?

इस हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सेटरिंग में इस्तेमाल की गई बल्लियां शायद वजन संभालने के लायक नहीं थीं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

IITs में छात्र आत्महत्याएं: जातिगत नजरिए से आगे बढ़कर वास्तविक कारणों पर चर्चा जरूरी

IITs में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के पीछे अकादमिक दबाव, मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और…

20 minutes ago

राम जन्मभूमि आंदोलन के मुख्य शिल्पकार को नमन: गृह मंत्री अमित शाह ने अशोक सिंहल को दी श्रद्धांजलि

Amit Shah Tribute: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीएचपी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक…

24 minutes ago

27 सितंबर के अलावा इतिहास में कब-कब और क्यों रविवार को खुले बैंक?

Sunday Bank Open History In India: कल से होने वाली देशव्यापी हड़ताल के कारण आज…

26 minutes ago

Pitru Paksha Rules: पितृ पक्ष में न करें अन्न की बर्बादी, जानिए 10 अक्टूबर तक किन बातों का रखना है ध्यान

पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से हो चुकी है. इस दौरान पितरों की…

42 minutes ago

दौड़ रहा है गंगा एक्सप्रेसवे! उन्नाव के एक रैंप को छोड़ कहीं जलभराव नहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर ने दी जानकारी

देश भर में जारी भारी और असामान्य मानसूनी बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह…

1 hour ago

India’s First LNG Train Launch: अमित शाह दिखाएंगे हरी झंडी, जानिए क्या है इस डुअल-फ्यूल ट्रेन की खासियत

India First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब भारतीय रेलवे देश की पहली LNG-डीजल ट्रेन…

2 hours ago