Kapsad Case Meerut: मेरठ के सरधाना में दलित महिला की हत्या कर बेटी को उठा ले जाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. अपहरण के 48 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं अपहृत लड़की भी बरामद हो गई है. इसकी पुष्टि एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने की है.
आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गईं थी. इस मामले में पुलिस का कहना है कि फिलहाल युवक व युवती हिरासत में हैं. 11 जनवरी को पुलिस युवती का बयान दर्ज कराएगी.
बता दें कि, यह मामला मेरठ के कपसाड़ गांव का है. आरोपी और पीड़िता दोनों कपसाड़ के ही रहने वाले हैं. मामला सामने आने के बाद मीडिया में खूब हल्ला मचा. आजाद समाज पार्टी के नेता व नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण पीड़िता के घर पहुंचने के लिए यूपी पुलिस को चकमा देकर निकल चुके हैं. वहीं सपा प्रमुख व सांसद अखिलेश यादव भी कपसाड़ मामले को लेकर योगी सरकार पर हमलावर हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल यह पूरा मामला 8 जनवरी का है. मेरठ जिले के कपसाड़ गांव निवासी दलित महिला सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत गई थीं. तभी राजपूत समाज के दबंग सुनील अपने साथियों के साथ पहुंचा और युवती का अपहरण कर लिया. जब मां ने इसका विरोध किया तो उनपर जानलेवा हमला कर दिया. जहां इलाज के दौरान महिला सुनीता की मौत हो गई.
शुक्रवार को बीजेपी के पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और पूर्व विधायक संगीत सोम भी गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया.
ये भी पढ़ें- मैहर में युवक ने लगाई फांसी, पुलिस प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का आरोप
सपा ने बुलडोजर नीति पर उठाये सवाल
उधर कपसाड़ मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल उठाया है. सपा ने पूछा है कि दलित बेटी के अपहरकर्ताओं के खिलाफ सरकार ने अबतक क्यों नहीं कार्रवाई की.
पुलिस ने शुक्रवार की देर रात मृतका का भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कराया. परिजनों की मांग पर 50 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है साथ ही एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


